Tamil Nadu Assembly Election 2026 Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Kerala Assembly Election 2026

बदला लेने के लिए 13 लड़कों ने किया यौन शोषण, गुप्तांगों पर चाकू से 24 वार, हैवानियत के खुलासे से हिली दिल्ली

पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि एक जुलाई को दिल्ली की एक नहर में मृत पाए गए लड़के के गुप्तांगों पर चाकू से किए गए 24 घाव और धारदार हथियार से किए गए जख्म के निशान थे.

Social Media
Mayank Tiwari

देश की राजधानी दिल्ली के एक भयावह अपराध ने समाज को झकझोर कर रख दिया है. 14 साल की नाबालिग की निर्मम हत्या और यौन उत्पीड़न की घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. पुलिस के अनुसार, इस जघन्य अपराध में 13 लोग शामिल थे, जिनमें से कई नाबालिग थे. यह अपराध बदले की भावना से प्रेरित था, क्योंकि मुख्य आरोपी कृष्णा उर्फ भोला (19) को शक था कि पीड़ित ने उसके प्रतिद्वंद्वी गिरोह, बधवार बंधुओं, को सूचना दी थी. 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुन्नक नहर में मिला नग्न शव1 जुलाई को दिल्ली के समयपुर बादली पुलिस स्टेशन में दोपहर 3:10 बजे एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें मुन्नक नहर में एक शव होने की सूचना थी. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (आउटर नॉर्थ) हरेश्वर स्वामी ने बताया,  "नहर में एक युवा पुरुष का शव मिला, जो पूरी तरह नग्न था और उसके गले में एक दुपट्टा लपेटा हुआ था. शव पर कई चाकू के घाव थे और वह थोड़ा सड़ा हुआ था."  

पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज की FIR

पुलिस ने शव की पहचान 14 वर्षीय नाबालिग के रूप में की. शुरुआती जांच-पड़ताल के बाद, भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 238(b) (सबूत मिटाने या गलत जानकारी देने) के तहत मामला दर्ज किया गया.

पोस्टमार्टम ने उजागर की क्रूरता

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस अपराध की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया,  "रिपोर्ट में पाया गया कि पीड़ित के शरीर पर 24 चाकू के घाव थे. इसके अलावा, उसके गुप्तांगों पर कुंद बल से चोटें थीं, जिससे यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई." इसके बाद, मामले में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस (POCSO) एक्ट की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) को जोड़ा गया. इस खुलासे ने जांच को और गंभीर दिशा दी.

बदले की आग में सुलगा अपराध

पुलिस की जांच-पड़ताल में सामने आया कि मुख्य आरोपी कृष्णा उर्फ भोला ने इस हत्या की योजना बनाई थी. उसे शक था कि पीड़ित ने बधवार बंधुओं—मोनू और सोनू—को उसकी जानकारी दी थी. बधवार बंधु, जो वर्तमान में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत जेल में हैं, अवैध शराब व्यापार और डकैती जैसे अपराधों में लिप्त थे. पिछले साल दिवाली के आसपास बधवार बंधुओं ने कृष्णा पर हमला किया था, जिसका बदला लेने के लिए उसने इस हत्या की साजिश रची.

कांवड़ शिविर से पकड़े गए आरोपी

पुलिस ने तीन आरोपियों को हरिद्वार में कांवड़ यात्री बनकर छिपने की कोशिश करते हुए पकड़ा. एक अधिकारी ने बताया,  "हमने एक नाबालिग के सोशल मीडिया एक्टिविटी के जरिए उसका पता लगाया. तीन आरोपी, जिनमें मोनू और दो नाबालिग शामिल थे, हरिद्वार से मेरठ के कांवड़ शिविर में आए थे."  पुलिस ने कांवड़ियों के भेष में मेरठ के शिविर में प्रवेश किया और 18 जुलाई की रात को स्थानीय पुलिस और दिल्ली से भेजी गई टीम की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल किया और तीन अन्य आरोपियों—दीपक, चंदन और सचिन—के नाम उजागर किए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं.

क्रूरता की हदें पार

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बारी-बारी से पीड़ित पर चाकू से हमला किया. 29-30 जून की रात को कृष्णा और उसके साथियों ने चाकू जुटाए और पीड़ित को वीर चौक बाजार के पास घेर लिया. उसे पहले पीटा गया, फिर मोटरसाइकिल पर अगवा कर मुन्नक नहर के पास ले जाया गया. वहां उसे निर्वस्त्र किया गया, चाकू से गोदा गया और यौन उत्पीड़न किया गया.

कानूनी कार्रवाई और सजा की मांग

पुलिस इस मामले में कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी टीम के साथ काम कर रही है. चूंकि अधिकांश आरोपी नाबालिग हैं, पुलिस ने 16 वर्ष से अधिक आयु के आरोपियों को वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने की अपील करने का फैसला किया है. अधिकारी ने बताया कि इस अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा की मांग की जाएगी.

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना न केवल कानून व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और बदले की भावना पर भी सवाल उठाती है. नाबालिगों का इस तरह के जघन्य अपराध में शामिल होना चिंता का विषय है. पुलिस और प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.