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बिस्तर पर पड़ी 64 साल की बुजुर्ग महिला से मकान मालिक और उसके साथी ने किया गैंगरेप, आरोपी गिरफ्तार

बलौदाबाजार में 64 साल की बीमार और असहाय बुजुर्ग महिला से मकान मालिक और उसके साथी ने गैंगरेप किया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और केस दर्ज किया गया है.

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Km Jaya

बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. एक 64 साल की बेसहारा और गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग महिला के साथ गैंगरेप किया गया. पीड़िता लंबे समय से बीमार है, बिस्तर पर पड़ी है और खुद से बैठ भी नहीं पाती. उसका कोई परिवार नहीं है और वह किराए के मकान में अकेली रहती थी. इस जघन्य अपराध से पूरे इलाके में गुस्सा फैल गया है.

यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे जिस घर में बुजुर्ग महिला रहती थी, उस घर का मालिक अपने एक साथी के साथ आया. आरोप है कि दोनों आदमियों ने महिला के साथ गैंगरेप किया. महिला की हालत इतनी गंभीर थी कि वह न तो अपना बचाव कर पाई और न ही विरोध कर पाई.

कैसे सामने आई यह घटना?

यह घटना तब सामने आई जब पड़ोस में रहने वाली एक महिला, जो कथित तौर पर पीड़िता की रिश्तेदार भी है, उससे मिलने गई. उसने जो देखा उससे वह हैरान रह गई. उसने देखा कि आरोपियों में से एक नशे की हालत में बुज़ुर्ग महिला के साथ यह जघन्य काम कर रहा था.

पीड़िता ने डायपर पहना हुआ था और वह पूरी तरह से बेबस थी. पड़ोसी के मुताबिक, आरोपी उसे देखकर घबरा गए और उसे धमकाने लगे. जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला करने की कोशिश की और उसे भगा दिया. 

पुलिस को किसने दी सूचना?

पड़ोसी किसी तरह बचकर निकली और तुरंत पुलिस को फोन किया. उसने अपने पड़ोसियों और जान-पहचान वालों को भी इस घटना के बारे में बताया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मकान मालिक और उसके साथी को, जो कमरे में मौजूद थे, हिरासत में ले लिया और थाने में उनसे पूछताछ शुरू की. 

आरोपियों की पहचान 64 साल के मोहन दास पंजवानी, जो डेयरी के पास गैस गोदाम रोड का रहने वाला है और पीड़िता का मकान मालिक है और 45 साल के श्याम यादव, जो नयापारा का रहने वाला है और उसका साथी है.

पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

पुलिस ने दोनों के खिलाफ कानून की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता पहले आस-पास के घरों में कपड़े और बर्तन धोकर गुजारा करती थी. बीमारी के कारण काम करने या चलने-फिरने में असमर्थ होने के बाद भी, उसके पड़ोसी दया भाव से उसकी मदद करते रहे. कुछ लोग उसे खाना देते थे, जबकि कुछ दवा या पानी का इंतजाम करते थे. 

भरोसे के इसी माहौल में आरोपियों ने उसकी बेबसी और कमज़ोरी का फायदा उठाकर यह जघन्य अपराध किया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को सिर्फ दो घंटे में पकड़ लिया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई.