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‘दुनिया का स्वागत करने को तैयार’, अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिलने पर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया

गुजरात की राजधानी अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर होस्ट सिटी चुना गया है. 74 कॉमनवेल्थ देशों ने भारत के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

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Sagar Bhardwaj

भारत के लिए बुधवार का दिन खेल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया, जब देश ने 2030 सेंचुरी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का बड़ा सम्मान अपने नाम किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि पूरा देश दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है. अहमदाबाद को आधिकारिक रूप से होस्ट शहर घोषित किए जाने के साथ भारत एक बार फिर ग्लोबल स्पोर्ट्स का केंद्र बनने जा रहा है. इससे पहले साल 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था.

भारत को मिली मेजबानी की मंजूरी

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में 74 सदस्य देशों और क्षेत्रों ने भारत के प्रस्ताव पर सहमति दी. अहमदाबाद को एक आधुनिक, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और विश्वस्तरीय आयोजन क्षमता वाले शहर के रूप में प्रस्तुत किया गया. प्रस्ताव में भारत की युवा आबादी, खेलों के प्रति बढ़ती महत्वाकांक्षा और मजबूत स्पोर्टिंग कल्चर को प्रमुख आधार बनाया गया, जिसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सराहा गया.

‘दुनिया का स्वागत करने को तैयार’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजबानी की घोषणा के बाद X पर लिखा कि भारत इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनकर गौरवान्वित है. उन्होंने कहा कि देश की स्पोर्टिंग स्पिरिट और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव ने भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है. पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि 2030 में दुनिया भारत की मेजबानी और महोत्सव जैसी ऊर्जा को अनुभव करेगी.

इन खेलों को मिल सकती है जगह

अहमदाबाद आयोजन समिति कॉमनवेल्थ स्पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय महासंघों के साथ मिलकर स्पोर्ट्स प्रोग्राम को अंतिम रूप देगी. इस बार कॉमनवेल्थ गेमों के संभावित खेलों में आर्चरी, बैडमिंटन, 3x3 बास्केटबॉल, 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल, बीच वॉलीबॉल, टी20 क्रिकेट, साइक्लिंग, डाइविंग, हॉकी, जूडो, रिदमिक जिम्नास्टिक्स, रग्बी सेवेंस, शूटिंग, स्क्वैश, ट्रायथलॉन और रेसलिंग शामिल हैं. यही नहीं आयोजक दो नए या पारंपरिक खेल भी प्रस्तावित कर सकते हैं.

PT उषा ने कही बड़ी बात

कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष PT उषा ने इस उपलब्धि को भारत के लिए ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि 2030 का आयोजन न केवल कॉमनवेल्थ मूवमेंट के 100 साल पूरे होने का जश्न होगा, बल्कि आने वाले सौ वर्षों की नींव भी रखेगा. उन्होंने विश्वास जताया कि यह गेम्स एथलीट्स, कम्युनिटीज और विविध संस्कृतियों को एकजुट करने का शानदार अवसर बनेगा.

कॉमनवेल्थ गेम्स की 100 साल की यात्रा

पहले कॉमनवेल्थ गेम्स साल 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में आयोजित हुए थे. अहमदाबाद में होने वाला 2030 संस्करण इन खेलों की सदी पूरी होने का उत्सव होगा. यह आयोजन न केवल खेल उत्कृष्टता का प्रतीक बनेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सौहार्द और साझेदारी की मिसाल भी पेश करेगा.