T20 World Cup 2026

नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर रचा इतिहास, साउथ अफ्रीका में जीता गोल्ड मेडल

Neeraj Chopra: भारत के जैवलिन थ्रोवर नीरज चोपड़ा ने साउथ अफ्रीका में इतिहास रचा है. उन्होंने एक इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है और साल 2025 की शुरुआत इस खिलाड़ी के लिए शानदार रही है.

Social Media
Praveen Kumar Mishra

Neeraj Chopra: भारत के जैवलिन थ्रो चैंपियन, नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर से अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया. उन्होंने 16 अप्रैल 2025 को साउथ अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम में आयोजित एक इंविटेशनल इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने का शानदार काम किया. नीरज ने 84.52 मीटर की दूरी के साथ यह गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस प्रतियोगिता में कुल छह पुरुष एथलीटों ने भाग लिया था और नीरज की यह थ्रो सबसे बेहतरीन रही.

2025 सीजन में नीरज की शुरुआत बेहतरीन रही. पिछले सीज़न में चोट के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ था लेकिन इस बार उन्होंने अपनी वापसी की शुरुआत गोल्ड के साथ की. हालांकि, उनका थ्रो उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो (89.94 मीटर) से कम था लेकिन फिर भी यह दूरी पर्याप्त रही और उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया. खास बात यह थी कि इस इवेंट में नीरज के अलावा केवल एक अन्य एथलीट ही 80 मीटर के पार जा सका था, जिससे यह साबित होता है कि नीरज का प्रदर्शन इस समय भी बहुत मजबूत है.

साउथ अफ्रीका के थ्रोअर से हुई टक्कर

नीरज ने इस प्रतियोगिता में साउथ अफ्रीका के युवा जैवलिन थ्रोअर डाउ स्मिट को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता. डाउ स्मिट ने 82.44 मीटर की दूरी के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया. तीसरे स्थान पर डंकेन रॉबर्टसन रहे, जिनका थ्रो 71.22 मीटर का था.

नीरज चोपड़ा की तैयारी और नई शुरुआत

इस शानदार प्रदर्शन से पहले नीरज चोपड़ा साउथ अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम में अपने नए सीज़न के लिए कड़ी ट्रेनिंग कर रहे थे. जनवरी 2025 में उन्होंने अपनी लंबे समय की साथी हिमानी मोर से एक निजी समारोह में शादी की थी और उसके बाद वह अपनी ट्रेनिंग के लिए साउथ अफ्रीका पहुंचे. अब नीरज चोपड़ा की नजरें आगामी डॉयमंड लीग पर हैं, जो 16 मई 2025 को दोहा में आयोजित होगी.

नई कोचिंग और आगे की योजनाएं

नीरज इस बार अपने नए कोच, जेन एलेज़न, के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग कर रहे हैं. जेन एलेज़न जावेलिन थ्रो में पुरुषों का विश्व रिकॉर्ड रखते हैं, जिनका थ्रो 98.48 मीटर है. नीरज के लिए यह नया कोचिंग अनुभव और ट्रेनिंग आगे के मुकाबलों में और भी बेहतरीन प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.