National Sports Awards: बिना हाथ वाली शीतल देवी, पैरों से लक्ष्य भेद देश को दिलाए मेडल, राष्ट्रपति से मिला अर्जुन अवॉर्ड
National Sports Awards: विश्व की नंबर एक पैरा तीरंदाज व एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता को आज यानी मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया.
National Sports Awards: विश्व की नंबर एक पैरा तीरंदाज व एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता को आज यानी मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया. जम्मू कश्मीर की एक छोटे गांव की रहने वाली शीतल को अर्जन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. मुश्किलों को पार शीतल ने देश को मेडल दिलाए. शीतल ने बिना हाथों के देश के लिए पैरा एशियन गेम्स में मेडल जीतकर देश का परचम लहराया.
शीतल देवी ने अपने पैरों से तीर-धनुष चलाते हुए पिछले साल पैरा एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति भवन में जब अर्जुन पुरस्कार के लिए उनका नाम लिया गया तो पूरा हॉल तालियां की गड़गड़ाहट से गूंज उठा था.
विश्व की नंबर- 1 पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन गेम्स दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हासिल किया था. एशियन गेम्स में धमाल मचाने के बाद जब शीतल वापस भारत आईं थी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जज्बे को सराहा था.
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शीतल देवी जम्मू कश्मीर से आती हैं. उनका जन्म किश्तवाड़ जिले के लोई धार गांव में हुआ. शीतल के पिता पेशे से एक किसान हैं और उनकी मां घर का काम करती हैं. शीतल से बचपन से ही फोकोमेलिया बीमारी से पीड़ित हैं. इस बीमारी में शरीर का विकास पूरी तरह से नहीं हो पाता है. अपनी कमजोरियों को अपनी ताकत बनाकर शीतन में तीरंदाजी करने की ठानी.