जेब में मोबाइल रखने की आदत पड़ सकती है भारी, डॉक्टर ने बताए गंभीर नुकसान
मोबाइल फोन को पैंट या शर्ट की जेब में रखना जितना सुविधाजनक लगता है, उतना ही यह सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है. खासतौर पर फर्टिलिटी, हार्मोन बैलेंस और सेल्स की सेहत इससे प्रभावित हो सकती है.
नई दिल्ली: आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में मोबाइल फोन हमारे हाथ से ज्यादा समय जेब में रहता है. ऑफिस जाते समय, सफर के दौरान या हल्की-फुल्की गतिविधियों में लोग फोन को जेब में रखना सबसे आसान मानते हैं. लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह आदत लंबे समय में शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.
डॉ. क्रिस्टाबेल अकिनोला ने सोशल मीडिया पर साझा जानकारी में बताया कि मोबाइल फोन कोई साधारण डिवाइस नहीं है. यह लगातार रेडिएशन और हीट पैदा करता है, खासकर तब जब डेटा ऑन हो या ऐप्स बैकग्राउंड में चल रहे हों. यही वजह है कि इसे लंबे समय तक शरीर से सटाकर रखने की सलाह नहीं दी जाती है.
मोबाइल रेडिएशन कैसे असर करता है
मोबाइल फोन नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन पैदा करता है, जिसे अक्सर सुरक्षित माना जाता है. लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार एक्सपोजर से शरीर की कोशिकाओं पर असर पड़ सकता है. फोन की गर्मी और रेडिएशन मिलकर टिशू पर दबाव बनाते हैं, जिससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है.
फर्टिलिटी पर पड़ने वाला प्रभाव
डॉक्टरों का कहना है कि पुरुषों में जेब में फोन रखने से स्पर्म काउंट कम हो सकता है. स्पर्म की क्वालिटी और मूवमेंट भी प्रभावित हो सकती है. कुछ रिसर्च में DNA डैमेज का खतरा भी सामने आया है, जो भविष्य में गर्भधारण से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकता है.
महिलाओं के लिए क्यों है चिंता
महिलाओं पर इस विषय में रिसर्च सीमित है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि महिलाओं के अंडाणु जन्म से ही तय होते हैं. ऐसे में लंबे समय तक रेडिएशन का संपर्क उनके लिए ज्यादा संवेदनशील हो सकता है और रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर असर डाल सकता है.
शरीर के अन्य हिस्सों पर असर
पेल्विक एरिया में मौजूद लिम्फ नोड्स शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करते हैं. लगातार गर्मी और रेडिएशन इस प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मोबाइल रेडिएशन को संभावित कैंसर कारक की श्रेणी में रखा है.
बचाव के आसान उपाय
डॉक्टर सलाह देते हैं कि फोन को पैंट की जेब में रखने से बचें. बेहतर है कि फोन को बैग, जैकेट या डेस्क पर रखें. सोते समय फोन को शरीर से दूर रखें और तकिए के नीचे रखकर न सोएं. शरीर और मोबाइल के बीच थोड़ी दूरी बनाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है.