ईरान फिर करेगा पलटवार? अमेरिकी बेस पर पहले हमले की तैयारी, खाड़ी देशों में खौफ
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर गहराने के संकेत मिल रहे हैं. ईरान में अमेरिकी सेना को खाड़ी देशों से हटाने के लिए पहले हमला करने की रणनीति पर चर्चा तेज होने का दावा किया जा रहा है. ऐसे में सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों की चिंता बढ़ गई है.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एकबार फिर से बढ़ता नजर आ रहा है. हालांकि कुछ रिपोर्ट का कहना है कि तनाव कुछ दिनों में कई गुना ज्यादा बढ़ सकताहै.
दो की लड़ाई में कहा जाता है कि पहले हमला करने वाला अक्सर जंग जीत जाता है और ईरान इस बात को सच मान बैठा है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान अरब में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनानेकी तैयारी में है. ताकी अमेरिका पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाया जा सके.
अमेरिकी ठिकाने बन सकते हैं निशाना
बताया जा रहा है कि ईरान की सैन्य सोच में भी बदलाव आया है. पहले उसका जोर मुख्य रूप से जवाबी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा तक सीमित था, लेकिन अब पहले प्रहार की नीति पर विचार किए जाने की बात कही जा रही है. ईरानी सैन्य अधिकारियों का आकलन है कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने उसके लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं. इन ठिकानों से अमेरिकी नौसेना और वायुसेना को रसद, ईंधन और दूसरी सैन्य सहायता मिलती है. ईरान का मानना है कि इन ठिकानों पर दबाव बढ़ने से अमेरिका के लिए क्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखना मुश्किल हो सकता है.
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रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान एक साथ कतर, कुवैत, यूएई, सऊदी अरब और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति पर विचार कर सकता है. हालांकि, इस तरह की कार्रवाई से पूरे खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष फैलने का खतरा भी काफी बढ़ जाएगा.
अरब देशों की बढ़ी चिंता
खाड़ी देशों के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके तेल और गैस से जुड़े ठिकानों की सुरक्षा है. ईरान के साथ तनाव बढ़ने की स्थिति में तेल भंडार, रिफाइनरी और ईंधन टैंक निशाने पर आने की आशंका जताई जा रही है. इसी वजह से यूएई समेत कुछ देशों में महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा के लिए स्टील के जाल लगाए जाने की खबरें हैं. इनका इस्तेमाल ड्रोन हमलों से संवेदनशील ढांचे को बचाने के लिए किया जा सकता है. सऊदी अरब भी अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दे रहा है.
ईरान के मिसाइल भंडार पर भरोसा
ईरान के आत्मविश्वास की एक वजह उसका मिसाइल भंडार भी बताया जा रहा है. ईरानी मीडिया में भूमिगत मिसाइल निर्माण केंद्रों से जुड़े वीडियो सामने आए हैं. रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने पिछले कुछ समय में मिसाइल उत्पादन तेज किया है. वहीं, ईरान के साथ सीधे टकराव से बचने के लिए कुछ खाड़ी देश बातचीत का रास्ता तलाश रहे हैं. ईरान का दावा है कि कई अरब देश नई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उससे संपर्क कर रहे हैं.