Kerala Assembly Election 2026 Tamil Nadu Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

फिर से खोलेंगे दुनिया के राज या मौन हो जाएंगे जूलियन असांजे, समझिए क्या है प्लान

Julian Assange: विकिलीक्स के फाउंडर जूलियन असांजे को अमेरिकी सैन्य रहस्यों का खुलासा करने के आरोपों को स्वीकार करने के बाद रिहा कर दिया गया है. उन्होंने खुद ही खुद को दोषी मान लिया. वह बीते पांच साल से लंदन की जेल में कैद थे. अब समझौते के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है. इस आरोप में उन्हें जितनी सजा सुनाई जानी चाहिए वह उतनी काट चुके हैं. जेल से रिहा होने के बाद एक बार फिर से ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या जूलियन असांजे मौन रहेंगे या फिर दुनिया के राज खोलेंगे.

Social Media
India Daily Live

Julian Assange: विकिलीक्स के फाउंडर जूलियन असांजे को रिहा कर दिया गया. अमेरिकी अधिकारियों के साथ समझौते उन्होंने समझौता किया. वह अपने मुल्क ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं. समझौते के तहत उन्होंने आपराधिक आरोपों को स्वीकार करते हुए खुद को दोषी माना. इसी के आधार पर उन्हें रिहा किया गया. अब वह अपने मूल देश ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं. उन पर अमेरिकी सैन्य रहस्यों का खुलासा करने का आरोप लगाया गया था. कहानी में आगे बढ़ें उससे पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर विकीलीक्स क्या है?

विकिलीक्स एक वेबसाइट है जो दुनिया के अनजान रहस्यों से पर्दा उठाती रहती है. साल 2006 में इस वेबसाइट को  जूलियन असांजे ने लॉन्च किया था. यह वेबसाइट अलग-अलग देशों के सरकारी दस्तावेजों को पब्लिश करके दुनिया के सामने प्रस्तुत करती है. इस वेबसाइट में अब तक 10 मिलियन से अधिक दस्तावेज पब्लिश किए जा चुके हैं.

अमेरिकी सैनिकों के खोले थे राज 

2010 में अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों द्वारा हमले में मारे गए आम नागरिकों के वीडियोज विकिलीक्स ने पब्लिश किए थे. इसने पूर्व अमेरिकी सेना खुफिया विश्लेषक चेल्सी मैनिंग द्वारा उपलब्ध कराए गए हजारों गोपनीय दस्तावेजों को भी प्रकाशित किया था. जूलियन असांजे पर जासूसी के आरोप लगाए गए थे. ऐसे में अब सवाल ये उठ रहे हैं कि जेल से छूटने के बाद क्या फिर से असांजे दुनिया के नए राज खोलोंगे या मौन ही रहेंगे.

रिहा होने के बाद पत्नी ने समर्थकों का धन्यवाद दिया 

जूलियन असांजे के रिहा होने के बाद उनकी पत्नी स्टेला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा- सालों तक जूलियन का साथ देने वाले उनके समर्थकों का मैं तहे दिल से धन्यवाद करती हूं. आपके सपोर्ट की वजह से ही जूलियन असांजे रिहा हो पाए हैं.

2010 में अमेरिकी के हाजरों गुप्त डाक्यूमेंट्स को प्रकाशित करके जूलियन असांजे ने तहलका मचा दिया था. उन्होंने डॉक्यूमेंट के जरिए अमेरिका , इंग्लैंड और नाटों की सेनाओं के अपराधों का खुलासा किया था. इस मामले के बाद अमेरिका ने आरोप लगाया कि जूलियन असांजे ने उनके खिलाफ जासूसी की है.

रेप का आरोप और गिरफ्तारी

2010 में ही उन पर स्वीडन की दो महिलाओं ने रेप का भी आरोप लगाया था. इसे लेकर उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अमेरिका षड्यंत्र रच रहा है. गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने इक्वाडोर के दूतावास में 7 साल तक बिताए थे. 11 अप्रैल 2019 को उन्हें लंदन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. 2019 में स्वीडन ने रेप के केस को वापस ले लिया था.   

इसके बाद अमेरिका ने 23 मई 2019 को असांजे के खिलाफ जासूसी के 18 केस दर्ज कराए थे. अमेरिका ने प्रत्यर्पण के लिए 4 साल केस लड़ा. लेकिन लंदन की कोर्ट ने अमेरिकी की अर्जी खारिज कर दी थी. अब समझौते के बाद मामला खत्म हो गया है.