West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

'जंग होकर रहेगी', बंगाल में 'भगवा लहर' से पाकिस्तान में मातम! BJP की प्रचंड जीत ने क्यों उड़ाई इस्लामाबाद की नींद?

पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक 206 सीटों की जीत और ममता बनर्जी की हार ने खलबली मचा दी है. इस जीत की गूंज पाकिस्तान तक सुनाई दे रही है, जहां विशेषज्ञ इसे भारत के बदलते राजनीतिक नक्शे का संकेत मान रहे हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 206 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की, वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई. सबसे चौंकाने वाली खबर भवानीपुर सीट से आई, जहां खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी ने शिकस्त दी.बीजेपी की इस प्रचंड जीत पर देश में तो चर्चाएं चल ही रही है, ख़ास बात यह है कि पडोसी देश पाकिस्तान में भी बीजेपी की इस बम्पर जीत को लेकर तमाम तरह की बातें हो रही है.

बंगाल के चुनावी नतीजों ने इस्लामाबाद और कराची के गलियारों में हलचल मचा दी है. पाकिस्तानी रक्षा विश्लेषक कमर चीमा ने इस जीत को भारत के पूर्ण 'भगवाकरण' के रूप में देखा है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नैरेटिव अब पूरे भारत में हावी हो चुका है. चीमा के अनुसार, बीजेपी का 72% जमीन और 78% आबादी पर नियंत्रण होना पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चिंता है, जो भविष्य में युद्ध जैसी विनाशकारी आशंकाओं को जन्म दे सकता है.

राष्ट्रवाद और धर्म की लहर ने हिलाई क्षेत्रीय क्षत्रपों की जड़ें

पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार आरजू काजमी ने भी ममता बनर्जी की अप्रत्याशित हार पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने अपने विश्लेषण में बताया कि पीएम मोदी का राजनीतिक जादू ऐसा चला कि दशकों से अजेय मानी जाने वाली ममता बनर्जी अपने ही गढ़ में अलग-थलग पड़ गईं. आरजू के शो में विशेषज्ञों ने यह भी माना कि भारत में राष्ट्रवाद और धर्म की लहर ने क्षेत्रीय क्षत्रपों की जड़ों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है, जिससे पूरे देश के समीकरण बदल गए हैं.

SIR और बम्पर वोटिंग ने बदला गेम

चुनावी विश्लेषण के दौरान अवैध मतदाताओं का मुद्दा भी पाकिस्तान में चर्चा का केंद्र रहा. आरजू काजमी के शो में एक भारतीय अतिथि ने दावा किया कि अवैध वोटर्स की छंटनी इस बंपर वोटिंग और बीजेपी की सफलता का मुख्य कारण बनी. विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश और कश्मीर से विस्थापित हुए हिंदुओं ने बीजेपी को एक सुरक्षित भविष्य के तौर पर देखा. उनके लिए बंगाल एक आखिरी उम्मीद जैसा था, जिसे बचाने के लिए उन्होंने एकजुट होकर मतदान किया.

डॉन अखबार की तीखी टिप्पणी 

पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार 'डॉन' ने भी बंगाल के नतीजों पर एक दिलचस्प लेख प्रकाशित किया. लेख में सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन का उदाहरण देते हुए भारतीय वामपंथियों पर कटाक्ष किया गया. लेख के अनुसार, स्टालिन की विचारधारा को मानने वालों ने ही अनजाने में ऐसे हालात पैदा किए, जिससे हिंदुत्व की ताकत मजबूत हुई. डॉन का मानना है कि स्टालिन के समर्थकों का कांग्रेस विरोध अंततः हिंदुत्ववादी ताकतों के लिए एक बड़ा राजनीतिक वरदान साबित हुआ है.

पाकिस्तानी विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी की इस भारी जीत से दक्षिण एशिया का शक्ति संतुलन बदल सकता है. कमर चीमा जैसे विश्लेषकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब भारत-पाकिस्तान के बीच जंग की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता. हालांकि, वे यह भी स्वीकार करते हैं कि पाकिस्तान अब पीएम मोदी की मजबूत होती छवि के सामने खुद को बेबस महसूस कर रहा है. बंगाल की यह जीत केवल एक राज्य की जीत नहीं, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय परिवर्तन का संकेत है.