'क्या है टेक इट डाउन एक्ट'? अमेरिका की फर्स्ट लेडी का रिवेंज पोर्न और डीपफेक पर प्रहार

सीनेटर टेड क्रूज़ ने कहा, “यदि आप रिवेंज पॉर्न या AI-जनरेटेड अश्लील फोटों का शिकार हैं, तो आपका जीवन हमेशा के लिए बदल जाता है... टेक इट डाउन एक्ट पूरे अमेरिका में पीड़ितों को सशक्त बनाता है.”

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Mayank Tiwari

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने भारी समर्थन (409-2) के साथ टेक इट डाउन एक्ट को मंजूरी दी है, जो गैर-सहमति अंतरंग छवियों (NCII) और AI-जनरेटेड डीपफेक के बढ़ते खतरे से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम है. फरवरी में सीनेट द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस विधेयक को अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा गया है, जो इसे कानून में बदलने की संभावना रखते हैं. यह कानून राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला प्रमुख तकनीकी कानून होगा.

कानून का दायरा और प्रावधान

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टेक इट डाउन एक्ट गैर-सहमति से अंतरंग छवियों या वीडियो को प्रकाशित करने या उनकी धमकी देने को संघीय अपराध बनाता है, भले ही वे डिजिटल रूप से परिवर्तित हों या AI-जनरेटेड हों. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को चिह्नित सामग्री को 48 घंटे के भीतर हटाना होगा. नाबालिगों से संबंधित NCII प्रकाशित करने वालों को तीन साल तक की जेल, जबकि वयस्कों से संबंधित अपराधों में दो साल तक की सजा हो सकती है. धमकी देने वालों को नाबालिगों के मामले में ढाई साल और वयस्कों के लिए डेढ़ साल की सजा का प्रावधान है.

सीनेटर टेड क्रूज़ ने कहा, “यदि आप रिवेंज पॉर्न या AI-जनरेटेड अश्लील फोटों का शिकार हैं, तो आपका जीवन हमेशा के लिए बदल जाता है... टेक इट डाउन एक्ट पूरे अमेरिका में पीड़ितों को सशक्त बनाता है.”

मेलानिया ट्रंप की पहल

अमेरिकन फस्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने इस विधेयक के लिए अपनी बी बेस्ट पहल के तहत साइबरबुलिंग और बाल संरक्षण के लिए आवाज उठाई. कैपिटल हिल पर राउंडटेबल्स में उनकी सक्रियता ने व्यक्तिगत कहानियों को सामने लाने में मदद की. मेलानिया ने बयान दिया, “टेक इट डाउन एक्ट का द्विपक्षीय पारित होना यह शक्तिशाली संदेश देता है कि हम बच्चों की गरिमा, गोपनीयता और सुरक्षा के लिए एकजुट हैं.”

उन्होंने फरवरी में कहा, “मैं आज आपके साथ एक साझा लक्ष्य के लिए हूं, हमारी युवा पीढ़ी को ऑनलाइन नुकसान से बचाना... इस मुद्दे को संबोधित करना हमारे युवाओं के लिए सुरक्षित और मददगार माहौल बनाने के लिए जरूरी है.

पीड़ितों ने शेयर की कहानियां

दरअसल, 14 साल की एलिस्टन बेरी ने अपनी कहानी शेयर की, जिनके मित्र ने AI ऐप से उनकी फर्जी अश्लील फोटो बनाकर स्नैपचैट पर शेयर कीं, और दक्षिण कैरोलिना के विधायक ब्रैंडन गफी के 17 वर्षीय बेटे की 2022 में सेक्सटॉर्शन घोटाले के बाद आत्महत्या ने इस मुद्दे की गंभीरता को उजागर किया.

डीपफेक का बढ़ता खतरा

AI “अनड्रेसिंग” ऐप्स और डीपफेक सामग्री की बाढ़ ने इस कानून को और जरूरी बना दिया. टेलर स्विफ्ट और बॉबी अल्थॉफ जैसी हस्तियां 2024 में वायरल डीपफेक अश्लीलता का शिकार हुईं. पीड़ितों ने ऐसी सामग्री हटाने को “थकाऊ खेल” बताया.

मेलानिया ट्रंप ने की वकालत

मेलानिया ने बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल सेफ्टी पर लगातार जोर दिया है. अपने पति के पहले कार्यकाल में उन्होंने वर्चुअल राउंडटेबल्स आयोजित किए और फोस्टर यूथ के लिए कानूनों का समर्थन किया. व्हाइट हाउस में वापसी पर उन्होंने कहा, “बी बेस्ट पहल के तहत मैं ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देती हूं... हमें बच्चों को क्रूर और हानिकारक ऑनलाइन व्यवहार से बचाना होगा.”

उन्होंने द्विपक्षीय एकता की अपील करते हुए कहा, “वयस्कों के रूप में हम निश्चित रूप से पक्षपातपूर्ण राजनीति से ऊपर अमेरिका के बच्चों को प्राथमिकता दे सकते हैं... टेक इट डाउन एक्ट न्याय, उपचार और एकता की दिशा में शक्तिशाली कदम है.