'गलतफहमी में परमाणु युद्ध हो सकता था', ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के ब्रह्मोस अटैक पर पाक PM सलाहकार का बड़ा खुलासा

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के सलाह ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान हमले के लिए तैयार नहीं था. उन्होंने कहा कि भारत के अचानक हमले ने पाकिस्तान को स्तब्ध कर दिया था. उन्होंने कहा कि हमारे पास जवाब देने के लिए केवल 5 सेकेंड का समय था.

Sagar Bhardwaj

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने खुलासा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत द्वारा दागी गई ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का विश्लेषण करने के लिए पाकिस्तानी सेना के पास मात्र 5 सेकेंड का समय था. इस दौरान यह तय करना था कि मिसाइल में परमाणु हथियार है या नहीं. यह स्थिति भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान उत्पन्न हुई, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान से जुड़े आतंकियों द्वारा 26 पर्यटकों की हत्या के बाद शुरू हुई थी.

राणा सनाउल्लाह ने एक पाकिस्तानी समाचार चैनल को बताया, “जब भारत ने नूर खान एयरबेस पर ब्रह्मोस मिसाइल दागी, तो पाकिस्तानी सेना के पास यह विश्लेषण करने के लिए केवल 30-45 सेकंड थे कि क्या यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जा रही है. मात्र 30 सेकंड में कोई निर्णय लेना खतरनाक स्थिति थी.” 

गलतफहमी में हो सकता था परमाणु युद्ध 

सनाउल्लाह ने आगे कहा, “मैं यह नहीं कह रहा कि भारत ने परमाणु हथियार न इस्तेमाल करके अच्छा किया, लेकिन दूसरी ओर इससे हमारी ओर से गलतफहमी में भारत पर परमाणु हमला हो सकता था, जिससे वैश्विक परमाणु युद्ध शुरू हो सकता था.” नूर खान, रावलपिंडी के चक्लाला में पाकिस्तान वायुसेना का एक प्रमुख एयरबेस है. 

ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस, जैसे सरगोधा, नूर खान, भोलारी, जैकोबाबाद, सक्खर और रहीम यार खान, पर हमले किए, जिनमें रनवे, हैंगर और इमारतों को भारी नुकसान हुआ. सैटेलाइट चित्रों ने इस व्यापक क्षति की पुष्टि की. भारत ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी समूहों के ठिकानों को नष्ट कर 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया. चार दिन की तीव्र सीमा-पार कार्रवाइयों के बाद दोनों देशों ने तत्काल प्रभाव से युद्धविराम समझौता किया.