न्यूक्लिर डील में बाधाओं को दूर करने के लिए US उठा रहा है कदम, जानें NSA सुलिवन ने और क्या कहा?
भारत और अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा समझौते में आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए अमेरिका की ओर से उठाए गए कदमों से दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा मिल सकती है.
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच असैनिक परमाणु समझौते को लेकर आ रही समस्याओं को सुलझाने का संकेत दिया है. सुलिवन ने कहा, "करीब बीस साल पहले पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने असैनिक परमाणु समझौते की एक दूरदर्शी सोच की नींव रखी थी, जिसे अब हमें पूरी तरह से हक़ीकत बनाना है.
जेक सुलिवन ने आगे बताया कि अमेरिका और भारत की सरकारें प्रदूषण रहित ऊर्जा तकनीक पर काम कर रही हैं, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास में मदद मिल सके और दोनों देशों की ऊर्जा कंपनियों को उनकी नई तकनीक के विस्तार में सहायता मिल सके, इस कदम से न केवल ऊर्जा क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा.
परमाणु सहयोग में आ रही रुकावटों को दूर करने की प्रक्रिया
जेक सुलिवन ने इस बात की घोषणा की कि अमेरिका अब उन लंबित रुकावटों को हटाने पर काम कर रहा है, जिनके कारण भारत के बड़े परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अमेरिकी कंपनियों के बीच परमाणु सहयोग रुक गया था. यह कदम भारत और अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
जानिए जेक सुलिवन ने और क्या कहा?
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा, "यह संभवतः एनएसए के रूप में मेरी आखिरी विदेश यात्रा होगी और मैं व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल को समाप्त करने का इससे बेहतर तरीका नहीं सोच सकता, पिछले चार वर्षों में हमने जो प्रगति की है, उसे चिह्नित करने के लिए अपनी अंतिम विदेश यात्रा पर भारत आ रहा हूं. यह एक साझा और ऐतिहासिक उपलब्धि है.
मेरे पास यह मानने का हर कारण है कि अगले दशक के भीतर, हम अमेरिकी और भारतीय फर्मों को अगली पीढ़ी की सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों के निर्माण के लिए एक साथ काम करते हुए देखेंगे, अमेरिकी और भारतीय अंतरिक्ष यात्री अत्याधुनिक अनुसंधान और अंतरिक्ष रिसर्च एक साथ करेंगे.
भारत यात्रा और एस जयशंकर से मुलाकात
सुलिवन वर्तमान में भारत की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने सोमवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं के बीच विभिन्न वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु सहयोग के मामले प्रमुख थे.