जंग के बीच बड़ा फैसला, अमेरिका देगा यूक्रेन को हर मोर्चे पर सुरक्षा, ब्रुसेल्स मीटिंग में हुई ये बड़ी डील
ब्रुसेल्स में 'कोएलिशन ऑफ द विलिंग' की बैठक में यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया. अमेरिका ने स्पष्ट संकेत दिया कि वह जमीनी, हवाई और समुद्री सुरक्षा में भागीदारी करेगा. बैठक में सहमति बनी कि सीमाओं को बलपूर्वक बदला नहीं जा सकता और शांति समझौता तभी संभव है जब उसमें यूक्रेन की भागीदारी हो.
यूक्रेन संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से हलचल हो रही है. ब्रुसेल्स में हुई अहम बैठक में यूरोप और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने मिलकर यूक्रेन की सुरक्षा और संप्रभुता पर चर्चा की. इस बातचीत के अगले ही दिन वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली बैठक को लेकर भी रणनीति तय की गई. इस दौरान अमेरिका की ओर से यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने की दिशा में ठोस रुख अपनाया गया, जिसे एक ऐतिहासिक निर्णय बताया जा रहा है.
बैठक में शामिल सभी प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन की स्वतंत्रता और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा. सभी देशों की यह सहमति थी कि किसी भी हालत में सीमाओं को बलपूर्वक बदला नहीं जा सकता. यह भी स्पष्ट किया गया कि रूस के साथ होने वाली किसी भी वार्ता में यूक्रेन की भागीदारी आवश्यक होगी. अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय प्रारूप में बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति बनी.
अमेरिका देगा सुरक्षा की गारंटी
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अमेरिका ने पहली बार खुलकर संकेत दिया कि वह यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने के लिए तैयार है. यह गारंटी केवल कागजों पर नहीं होगी, बल्कि इसे जमीन, आसमान और समुद्र तक व्यावहारिक रूप से लागू किया जाएगा. इस प्रक्रिया में यूरोपीय देशों की भी सक्रिय भागीदारी होगी. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम रूस पर दबाव बढ़ाने के साथ-साथ यूक्रेन को वास्तविक सुरक्षा कवच देने का काम करेगा.
शांति समझौते पर साझा दृष्टिकोण
बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि युद्ध में हो रही निरंतर हत्याओं को कैसे रोका जाए. सभी प्रतिभागियों ने माना कि शांति समझौता केवल तभी प्रभावी होगा जब वह न्यायपूर्ण और तेज़ गति से लागू हो सके. इस समझौते के खाके पर साझा दृष्टिकोण तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सभी पक्ष चाहते हैं कि समझौते की हर शर्त व्यावहारिक हो और यूक्रेन की भागीदारी से ही इसे अंतिम रूप दिया जाए.
क्या होगी आगे की रणनीति?
ब्रुसेल्स में हुई इस बैठक को वाशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ होने वाली आगामी वार्ता की नींव माना जा रहा है. विश्लेषकों का कहना है कि यदि अमेरिका ने सुरक्षा गारंटी के वादे को ठोस रूप दिया, तो यह यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में अब तक का सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा. यूक्रेन के लिए यह संदेश भी अहम है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसके साथ खड़ा है और उसकी संप्रभुता पर कोई आंच नहीं आने देगा.