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50 फीट ऊंची उठेगी समुद्री लहरे, कई द्वीप हो जाएंगे तबाह! 7 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी की वार्निंग से दहला ये देश

रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका में हाल ही में आए 7.0 तीव्रता के भूकंप और एक निष्क्रिय ज्वालामुखी के विस्फोट ने दुनियाभर का ध्यान खींचा है. एक हफ्ते के भीतर इस क्षेत्र में दूसरा बड़ा भूकंपीय हादसा है, जिसने स्थानीय प्रशासन और वैज्ञानिकों को सतर्क कर दिया है.

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Garima Singh

Russia Tsunami warning: रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका में हाल ही में आए 7.0 तीव्रता के भूकंप और एक निष्क्रिय ज्वालामुखी के विस्फोट ने दुनियाभर का ध्यान खींचा है. एक हफ्ते के भीतर इस क्षेत्र में दूसरा बड़ा भूकंपीय हादसा है, जिसने स्थानीय प्रशासन और वैज्ञानिकों को सतर्क कर दिया है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी, जबकि प्रशांत सुनामी चेतावनी प्रणाली ने भी इसकी पुष्टि की. हालांकि, सुनामी की कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपने टेलीग्राम चैनल पर मंत्रालय की सलाह का हवाला देते हुए कहा, "लहरों की अपेक्षित ऊंचाई कम है, लेकिन आपको अभी भी किनारे से दूर जाना होगा." इस सलाह में न्यूनतम प्रभाव की संभावना के बावजूद लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है.

इस भूकंप के साथ ही कामचटका में स्थित क्रशेनिनिकोव ज्वालामुखी में रात के समय विस्फोट हुआ. यह ज्वालामुखी पिछले 600 वर्षों से निष्क्रिय था. इसका यह विस्फोट वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है. हालांकि, विस्फोट की तीव्रता और इसके प्रभावों के बारे में तत्काल कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है. इस घटना ने क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों के प्रति चिंता को और बढ़ा दिया है.

एक हफ्ते में दूसरा बड़ा भूकंप

यह भूकंपीय घटना कामचटका में एक हफ्ते के भीतर दूसरा बड़ा हादसा है. इससे पहले, 30 जुलाई को इस क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद कई तेज आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए. लगातार भूकंपीय गतिविधि ने स्थानीय निवासियों और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत सक्रिय है, जिसके कारण भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की संभावना बनी रह सकती है.

सावधानी और तैयारियां

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों से दूर रहने और आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की अपील की है. वैज्ञानिक और भूकंप विशेषज्ञ स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके.