‘मैं ईरान युद्ध रोकना नहीं चाहता था’, चीन से रवाना होते ही ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- दूसरे देशों के कहने पर हुआ सीजफायर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन यात्रा से लौटते समय कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम उनकी इच्छा नहीं थी. यह फैसला दूसरे देशों के दबाव में लिया गया.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से लौटते वक्त ऐसा बयान दिया, जिसने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ट्रंप ने साफ कहा कि वह ईरान के साथ युद्ध रोकने के पक्ष में नहीं थे लेकिन कई देशों के दबाव पर सीजफायर लागू किया गया. उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि युद्धविराम करके अमेरिका ने उस पर एहसान किया है.
ट्रंप के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
चीन दौरे से लौटते समय ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर युद्धविराम का समर्थन नहीं किया था. उनके मुताबिक कई देशों ने अमेरिका से तनाव कम करने की अपील की थी, जिसके बाद सीजफायर लागू किया गया. ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को स्थिर रखने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है.
चीन यात्रा के बाद बयान के मायने
चीन लंबे समय से पाकिस्तान का करीबी सहयोगी माना जाता है. दोनों देशों के बीच आर्थिक व सामरिक संबंध मजबूत हैं. ट्रंप ने अपनी यात्रा के दौरान व्यापार, ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों पर चीन के नेताओं से चर्चा की थी. ऐसे में ईरान और पाकिस्तान को लेकर दिया गया बयान अंतरराष्ट्रीय संकेतों के रूप में देखा जा रहा है.
पाकिस्तान और ईरान पर खुलकर बोले ट्रंप
ट्रंप ने बातचीत में पाकिस्तान को लेकर कहा कि अमेरिका ने क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाया. हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन वहां के मीडिया में इस बयान को अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है. दूसरी तरफ ट्रंप ने ईरान को लेकर भी बड़ा संकेत दिया. उन्होंने कहा कि अगर ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर 20 साल की गारंटी देता है, तो अमेरिका समझौते के लिए तैयार हो सकता है.
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