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थाइलैंड में भूकंप के तांडव से हाहाकार, बैंकाक में इमरजेंसी घोषित, हजारों लोग लापता

भूकंप के बाद आने वाले झटकों की आशंका के चलते थाईलैंड, म्यांमार, बांग्लादेश और भारत के अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं. साथ ही भूकंप के बाद सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं.

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Mayank Tiwari

भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में शुक्रवार (28 मार्च) को बेहद ही शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी. इसका सीधा असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी देखने को मिला है. वहीं, भूकंप की तीव्रता 7.7 थी. जिससे थाईलैंड, बांग्लादेश और पूर्वी भारत में भी जोरदार झटके महसूस हुए. इस भूकंप के बाद थाईलैंड की सरकार ने बैंकॉक में आपातकाल घोषित कर दिया है. बताया जा रहा है कि इस भूकंप का केंद्र म्‍यांमार में था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड प्रधानमंत्री पैटोंगटर्न शिनावत्रा ने इस आपातकाल की घोषणा की और स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए बताया कि भूकंप के कारण कई बिल्डिंगे ढह गईं. वहीं, भूकंप की वजह से बैंकाक में एक व्‍यक्ति के मरने की पुष्टि हो गई है. बताया जा रहा है कि 50 लोग घायल हैं.

भूकंप से बैंकॉक में मच गई अफरा-तफरी

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूकंप के कारण काफी नुकसान हुआ, जिसमें शहर के उत्तरी हिस्से में बन रहा एक 30 मंजिला स्काईस्क्रेपर ढह गया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भूकंप के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कापी अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. सरकारी एजेंसियों ने जनता को ढही हुई इमारतें से दूर रहने की सलाह दी है.

बांग्लादेश और भारत में भूकंप के झटके

बांग्लादेश में भी 7.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए, खासकर ढाका, चट्टोग्राम और अन्य इलाके शामिल हैं. बांग्लादेश मौसम विभाग ने बताया कि भूकंप का केंद्र म्यांमार के मंडले में था, जो बांग्लादेश की सीमा के पास स्थित है. हालांकि, अब तक किसी भी तरह के जनहानि या गंभीर नुकसान की खबर नहीं आई है. 

वहीं, भारत के पश्चिम बंगाल और मणिपुर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनसे इलाके में कुछ डर और घबराहट का माहौल बना. विशेष रूप से इम्फाल के थांगल बाजार इलाके में यह झटके ज्यादा महसूस किए गए, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि वहां कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है.

भूकंप का केंद्र और सेस्मिक डेटा

संयुक्त राज्य भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के सगाइन से 16 किमी उत्तर-पश्चिम में था, और इसकी गहराई 10 किमी थी. इस भूकंप को एक प्रमुख भूकंपीय घटना माना जा रहा है, और आने वाले समय में और झटके महसूस हो सकते हैं.

आपातकालीन सेवाएं रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी

थाईलैंड में आपातकालीन सेवाओं ने इमारतों को हुए नुकसान का मूल्यांकन शुरू कर दिया है. साथ ही स्थानीय लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों और ऊंची इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है. बांग्लादेश और भारत में अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखी हुई है, लेकिन अब तक कोई तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पाई गई है.

भूकंप के बाद झटकों के अनुमान को ध्यान में रखते हुए थाईलैंड, म्यांमार, बांग्लादेश और भारत में अधिकारी उच्च सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.