सीरिया में क्रिसमस ट्री जलाने के बाद विद्रोह भड़का, सड़कों पर उतरे लोग, नए इस्लामी शासन में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग
सीरिया में इस विवाद ने न केवल धार्मिक संवेदनाओं को आहत किया है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक एकता को भी चुनौती दे रहा है. हालांकि सरकार ने इस घटना पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह देखना होगा कि भविष्य में इस मुद्दे को कैसे सुलझाया जाता है और क्या देश में शांति स्थापित की जा सकती है.
Syria: सीरिया के हमा शहर के पास क्रिसमस ट्री जलाए जाने के विरोध में देशभर में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में नकाब पहने कुछ बंदूकधारी लोगों को सीरिया के एक ईसाई बहुल इलाके के चौराहे पर लगे क्रिसमस ट्री को आग के हवाले करते देखा गया. इस घटना ने जिहादी समूह हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के नेता, अबू मोहम्मद अल-जुलानी की प्रतिष्ठा को झटका दिया है, जो लंबे समय से सीरिया के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया में बशर अल-असद की सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोह करने वाले मुख्य इस्लामी संगठन ने कहा है कि आगजनी करने वाले लोग विदेशी लड़ाके हैं और उन्हें हिरासत में ले लिया गया है. उन्होंने ये भी कहा कि क्रिसमस ट्री को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा. लेकिन इसके बावजूद हज़ारों प्रदर्शनकारी सीरिया की सड़कों पर हैं. इनकी मांग है कि नए इस्लामी शासन में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा हो.
क्रिसमस ट्री जलाए जाने के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों लोग
सीरिया की राजधानी दमिश्क के बगल में स्थित बाब तूमा में प्रदर्शनकारियों ने सीरियाई झंडे और ईसाई धर्म के प्रतीक क्रॉस के साथ प्रदर्शन किए. इन लोगों ने नारेबाज़ी भी की और कहा कि हम अपने क्रॉस के लिए खुद को कुर्बान कर देंगे.
न्यूज एजेंसी एएफपी से बातचीत में जॉर्जिस नाम के शख्स ने कहा, "अगर हमें अपने देश में ईसाई धर्म का पालन नहीं करने दिया जाएगा, तो हमारा भी इस देश से नाता नहीं होगा. बता दें कि, सीरिया में कुर्द, अर्मीनियाई, असीरियन, ईसाई, ड्रूज़, शिया और अरब सुन्नी समेत कई धर्म और संप्रदाय के लोग बसते हैं. हाल ही में बीते 2 हफ्तों पहले विद्रोही गुटों ने राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटा दिया था.
धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भ
सीरिया एक बहुधार्मिक देश है, जहां मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोग साथ रहते हैं. क्रिसमस ट्री जलाए जाने को लेकर विवाद ने इस धार्मिक सहिष्णुता को खतरे में डालने का आरोप भी लगाया. विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों ने कहा, "यह केवल एक पेड़ जलाने की घटना नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है.
सरकार की प्रतिक्रिया
सीरिया सरकार ने इस घटना पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, सरकार स्थिति को शांत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पर विचार कर रही है. इसके अलावा, राज्य ने विरोध प्रदर्शन को लेकर किसी भी प्रकार की हिंसा की निंदा की है और मामले की जांच की घोषणा की है.