'माकूल जवाब देंगे', अफगानिस्तान पर पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक से मचा तनाव, रूस ने दी नसीहत

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. तालिबान ने हमले की निंदा करते हुए जवाब देने की चेतावनी दी है. रूस ने नागरिकों के हताहत होने पर चिंता जताकर बातचीत की अपील की.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के अफगानिस्तान में 10 जगहों पर हवाई और ड्रोन हमले किए. इस कार्रवाई को लेकर तालिबान ने कड़ा विरोध जताया है. वहीं, रूस ने नागरिकों के मारे जाने की खबरों पर चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा है.

10 ठिकानों पर पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ के मुताबिक, अफगानिस्तान में जिन 10 ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनका इस्तेमाल ड्रोन को लॉन्च करने और रखने के लिए किया जा रहा था. पाकिस्तान का दावा है कि एक दिन पहले अफगान क्षेत्र से ड्रोन उसके इलाके में भेजे गए थे. इसी के जवाब में इन ठिकानों पर कार्रवाई की गई. पाकिस्तान ने इसे आत्मरक्षा के तहत की गई कार्रवाई बताया है.

तालिबान ने कहा- माकूल जवाब देंगे

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है. तालिबान के प्रवक्ता के मुताबिक, हमलों में कंधार, पक्तिया और खोस्त प्रांत प्रभावित हुए और चार आम नागरिकों की मौत हुई. तालिबान ने कहा है कि इन हमलों का निर्णायक और माकूल जवाब दिया जाएगा. हालांकि, दोनों देशों के दावों के बीच घटनाओं से जुड़े सभी विवरण स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं.


रूस ने जताई चिंता, बातचीत की अपील

इस घटनाक्रम पर रूस की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है. काबुल स्थित रूसी दूतावास ने अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्सों में हवाई हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने की खबरों पर चिंता जताई. दूतावास ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दोनों पक्षों से टकराव से बचने तथा बातचीत के जरिए मतभेद सुलझाने की अपील की.

ड्रोन हमलों को लेकर दोनों के अलग-अलग दावे

पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान से किए गए ड्रोन हमलों के जवाब में उसने संबंधित ठिकानों को निशाना बनाया. दूसरी ओर, तालिबान ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज करते हुए एयर स्ट्राइक को गलत ठहराया है. दोनों देशों के बीच सीमा पार आतंकी गतिविधियों और सुरक्षा को लेकर लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं. हाल की घटनाओं ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है और क्षेत्रीय स्तर पर बातचीत की कोशिशों के सामने भी नई चुनौती खड़ी की है.