अब खत्म होगा युद्ध, यूएई में होने जा रही अमेरिका-यूक्रेन-रूस की अहम वार्ता; पूरी दुनिया की टिकी नजर

यूएई में होने जा रही यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब तीनों देश एक साथ बातचीत की मेज पर बैठेंगे.

@emeequis
Sagar Bhardwaj

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अमेरिका, यूक्रेन और रूस के बीच एक अहम बैठक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में होने जा रही है. यह बैठक शुक्रवार से शुरू होगी और दो दिन तक चलेगी. जेलेंस्की ने यह जानकारी दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करने के बाद दी.

जेलेंस्की बोले- रूस को भी झुकना होगा

वोलोदिमिर जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा कि अगर युद्ध खत्म करना है तो सिर्फ यूक्रेन ही नहीं, रूस को भी समझौते के लिए तैयार होना होगा. उन्होंने कहा कि मॉस्को को यह समझना चाहिए कि बिना किसी समझौते के शांति संभव नहीं है.

युद्ध खत्म करने वाले दस्तावेज लगभग तैयार

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि युद्ध समाप्त करने से जुड़े जरूरी दस्तावेज लगभग तैयार हो चुके हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में संघर्ष को रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं. जेलेंस्की ने कहा कि युद्धविराम को लेकर लगातार बातचीत चल रही है.

ट्रंप से मुलाकात के बाद आया बयान

दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका और यूक्रेन की टीमें लगभग हर दिन युद्ध खत्म करने पर काम कर रही हैं. उन्होंने बताया कि यह बातचीत सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि गंभीर और परिणाम देने वाली है.

यूक्रेन ईमानदारी से कर रहा प्रयास

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन पूरी ईमानदारी और मजबूती के साथ शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने दोहराया कि अब गेंद रूस के पाले में है और उसे भी आक्रामक रुख छोड़कर युद्ध खत्म करने के लिए आगे आना होगा.

ट्रंप-जेलेंस्की बातचीत को बताया सकारात्मक

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने ट्रंप के साथ हुई बैठक को “उपयोगी और सार्थक” बताया. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी टीमों के कामकाज पर चर्चा की और आगे की रणनीति पर भी बात हुई.

यूएई में होने वाली बैठक पर दुनिया की नजर 

यूएई में होने जा रही यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब तीनों देश एक साथ बातचीत की मेज पर बैठेंगे. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उम्मीद है कि यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है.