पाकिस्तान के बलूचिस्तान में लगातार पीटे जा रहे चीनी नागरिकों से बौखलाया ड्रैगन, दुश्मनी में बदल सकती है दोस्ती
हाल के हमलों के बाद, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अपनी "गंभीर चिंताओं" से अवगत कराया.
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर बार-बार घातक हमले हुए हैं, जिससे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) और बेल्ट एंड रोड पहल से जुड़े बुनियादी ढांचा और ऊर्जा परियोजनाओं में कार्यरत चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चीन में चिंता बढ़ गई है.
चीन ने असीम मुनीर के सामने उठाया मुद्दा
पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्थाएं चीनी नागरिकों और निवेश की रक्षा में नाकाफी साबित हुई हैं. हाल के हमलों के बाद, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अपनी "गंभीर चिंताओं" से अवगत कराया. जनरल मुनीर ने आश्वासन दिया कि पाकिस्तानी सेना चीनी नागरिकों, परियोजनाओं और संस्थानों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी. उन्होंने द्विपक्षीय आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
पाक में चीनी नागरिकों पर कब-कब हुए हमले
5 नवंबर 2024: कराची में एक कपड़ा कारखाने में दो चीनी कर्मचारी घायल हुए, जब एक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी ने उन पर गोलीबारी की.
6 अक्टूबर 2024: कराची हवाई अड्डे के पास आत्मघाती हमले में दो चीनी नागरिक मारे गए. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हमले की जिम्मेदारी ली.
26 मार्च 2024: खैबर पख्तूनख्वा के बिशम तहसील में दासू बांध जाते समय पांच चीनी इंजीनियर और उनके ड्राइवर की आत्मघाती हमले में मौत हो गई.
13 अगस्त 2023: ग्वादर पोर्ट जाते समय BLA के हमले में चार चीनी नागरिक और 11 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए.
26 अप्रैल 2022: कराची विश्वविद्यालय के कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट में तीन चीनी शिक्षकों की आत्मघाती हमले में मौत.
9 जुलाई 2021: दासू बांध स्थल पर बस में विस्फोट से नौ चीनी श्रमिकों सहित 12 लोग मारे गए.
23 नवंबर 2018: कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमले में चार लोग मारे गए.
पीएम शरीफ ने दिया सुरक्षा का आश्वासन
इन हमलों ने CPEC और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग पर सवाल उठाए हैं. चीनी सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की स्थिरता और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आक्रोश है. BLA जैसे विद्रोही समूहों ने चीन को परियोजनाओं से हटने की धमकी दी है, जिससे दोनों देशों की "अटूट दोस्ती" की बात धूमिल हो रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने 22 जुलाई को उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई और चीनी श्रमिकों की सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया.