पीएम मोदी के इजराइल दौरे से पहले नेतन्याहू ने बनाया हेक्सागन अलायंस, भारत को मुख्य पार्टनर बताया
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐलान करते हुए कहा कि वह एक रीजनल ग्रुप, गठबंधनों का हेक्सागन बनाने की योजना बना रहे हैं.
International News: पीएम नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे से कुछ दिन पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐलान करते हुए कहा कि वह एक रीजनल ग्रुप, गठबंधनों का हेक्सागन बनाने की योजना बना रहे हैं. नेतन्याहू ने कहा कि यह ग्रुप भारत, ग्रीस और साइप्रस के साथ-साथ दूसरे बिना नाम वाले अरब, अफ्रीकी और एशियाई देश शामिल होंगे.
इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
यह घोषणा इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पाकिस्तान और सऊदी अरब के NATO जैसे समझौते के लिए हाथ मिलाने के बीच हुई है, जिसमें तुर्की भी शामिल होना चाहता है. नेतन्याहू ने इस पहल को स्ट्रेटेजिक और आगे की सोच वाला बताया. नेतन्याहू के बुलावे पर मोदी 25-26 फरवरी को इज़राइल का सरकारी दौरा करेंगे. भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रधानमंत्री का इजराइल का दूसरा दौरा होगा.
नेतन्याहू का गठबंधनों का हेक्सागन क्या है?
इजराइली सरकार के बयान के मुताबिक, 22 फरवरी को कैबिनेट मीटिंग में बोलते हुए, नेतन्याहू ने इस कॉन्सेप्ट के बारे में बताया. इज़राइली पीएम ने कहा, "मेरे सामने जो विजन है, उसके हिसाब से हम एक पूरा सिस्टम बनाएंगे. असल में मिडिल ईस्ट के आस-पास या उसके अंदर अलायंस का एक हेक्सागन होगा." नेतन्याहू ने आगे कहा, "इसमें भारत, अरब देश, अफ़्रीकी देश, मेडिटेरेनियन देश और एशिया के देश शामिल हैं, जिनके बारे में मैं अभी डिटेल में नहीं बताऊंगा. मैं इसे ऑर्गनाइज़्ड तरीके से पेश करूंगा."
भविष्य पक्का हो सकता है
नेतन्याहू ने कहा, "यहां मकसद देशों का एक ऐसा एक्सिस बनाना है जो असलियत, चुनौतियों और लक्ष्यों पर रेडिकल एक्सिस, दोनों रेडिकल शिया एक्सिस, जिस पर हमने बहुत ज़ोरदार हमला किया है और उभरता हुआ रेडिकल सुन्नी एक्सिस के खिलाफ एक जैसी सोच रखते हों_ इन सभी देशों की सोच अलग-अलग है और हमारे सहयोग से अच्छे नतीजे मिल सकते हैं और बेशक, हमारी मजबूती और हमारा भविष्य पक्का हो सकता है."
नेतन्याहू का हेक्सागन ब्लॉक के लिए सपोर्ट जरूरी
बेंजामिन नेतन्याहू का हेक्सागन अलायंस के लिए सपोर्ट इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह वेस्ट और साउथ एशिया में पहले से चल रहे बदलाव को फॉर्मल बनाता है. इंडिया-UAE-इजराइल-ग्रीस अंडरस्टैंडिंग की पहले की चर्चा के उलट, यह एक पब्लिकली बताया गया स्ट्रेटेजिक डॉक्ट्रिन है. नेतन्याहू ने दुश्मनों के नाम लिए और इसके इरादे का इशारा दिया.