'नरक में जलें', पाकिस्तान के ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को बताया कैंसरग्रस्त देश; नेतन्याहू ने दिया करारा जवाब
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच लेबनान पर इजरायल द्वारा किए गए घातक हमलों की कड़ी निंदा की थी.
नई दिल्ली: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बीच लेबनान पर इजरायल के हमले को तीखा आड़े हाथों लिया है. आसिफ ने इजरायल को बुरा और मानवता के लिए अभिशाप करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय शांति के लिए बेहद खतरनाक है. इस बयान पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. नेतन्याहू ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान को पूरी तरह से अस्वीकार करते हुए उसे एकतरफा और तथ्यों से दूर बताया है.
'इस्लामाबाद में शांति वार्ता'
गुरुवार को X पर एक पोस्ट में आसिफ ने दावा किया कि 'इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, वहीं लेबनान में नरसंहार हो रहा है '. उन्होंने लिखा, 'इजराइल द्वारा निर्दोष नागरिकों को मारा जा रहा है, पहले गाजा में, फिर ईरान में और अब लेबनान में, रक्तपात लगातार जारी है.'
इजरायल की यह प्रतिक्रिया कई घटनाक्रमों के बाद आई है, जिसकी शुरुआत पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करने से हुई . इसके बाद ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियां कीं.
इजरायली नेता का सार्वजनिक रूप से जवाब देने का निर्णय अतीत की प्रथा से एक उल्लेखनीय विचलन का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि राजनयिक संबंधों के अभाव में तेल अवीव ने ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव से परहेज किया है.
इजराइल-लेबनान संघर्ष
2 मार्च को लेबनान मध्य पूर्व युद्ध में तब घसीटा गया जब ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने युद्ध के पहले दिन मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए इजरायली शहरों की ओर रॉकेट दागे.
हिजबुल्लाह के युद्ध में शामिल होने के बाद से इजरायल द्वारा लेबनान पर किए गए सबसे भीषण हमलों में बुधवार को सैकड़ों लोग मारे गए, जिससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच लागू हुई अस्थिर शांति संधि को लागू होने के 48 घंटे से भी कम समय में ही झटका लगा.