Holi 2026

खामेनेई की मौत की खबर पर विरोधी सड़कों पर मना रहे जश्न, करज से लंदन और बर्लिन तक उमड़ी भीड़; देखें वीडियो

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हमले में मौत की पुष्टि के बाद देश और विदेशों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. कहीं जश्न मनाया गया तो कहीं युद्ध और हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन हुए.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि होते ही देश में अचानक हलचल तेज हो गई. बताया गया कि तेहरान में उनके दफ्तर पर हुए संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमले में उनकी जान चली गई है. यह खबर बाहर आते ही ईरान के कई शहरों में लोग सड़कों पर निकल आए. कुछ स्थानों पर लोगों ने खुशी जताई, जबकि कई इलाकों में अनिश्चितता और चिंता का माहौल भी देखा गया. विदेशों में बसे ईरानियों ने भी अलग-अलग ढंग से अपनी प्रतिक्रिया दी.

तेहरान से करज तक जश्न के दृश्य

खबर फैलते ही राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में भीड़ जुटने लगी. करज में लोगों ने गाड़ियों के काफिले निकालकर हॉर्न बजाए और आतिशबाजी की. तेहरान के कई मोहल्लों में बालकनियों से तेज संगीत बजता सुनाई दिया. फुलादशहर, बोराजजान और ममासानी में लोग झंडे लहराते नजर आए. शिराज और आबादान में देर रात तक लोग सड़कों पर डटे रहे और इसे बदलाव की शुरुआत बताया.

विदेशों में भी दिखी प्रतिक्रिया

ईरान से बाहर रह रहे नागरिकों ने भी इस घटनाक्रम पर खुलकर प्रतिक्रिया दी. लॉस एंजिल्स में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और नारे लगाए. लंदन, बर्लिन और मैड्रिड में भी भीड़ जमा हुई. कुछ लोगों ने इसे नए दौर की उम्मीद से जोड़ा. हालांकि, कई जगहों पर लोगों ने शांति की अपील भी की और कहा कि किसी भी संघर्ष का हल हिंसा नहीं हो सकता.

40 दिन का शोक और राजनीतिक असर

सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि अली खामेनेई की मौत उनके कार्यालय पर हुए हमले में हुई. सरकार ने उनके सम्मान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले खामेनेई के निधन से सत्ता संरचना पर असर पड़ना तय माना जा रहा है. इससे पहले कुछ एजेंसियों ने कहा था कि वह स्थिति की कमान संभाले हुए हैं, लेकिन बाद में आधिकारिक बयान जारी हुआ..

यहां देखें वीडियो

भविष्य को लेकर अनिश्चितता

ईरान के भीतर माहौल पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. एक ओर कुछ लोग इसे परिवर्तन का अवसर मान रहे हैं, तो दूसरी ओर कई नागरिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं. क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर भी इसके प्रभाव की चर्चा शुरू हो गई है. आने वाले दिनों में सत्ता हस्तांतरण और आंतरिक हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर दुनिया की नजर टिकी हुई है.