Nepal Flood: नेपाल में हर तरफ तबाही के निशान, कीचड़ के नीचे दबे अपनों की तलाश; बचाव कार्य तेज

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार तेज किया जा रहा है. बचावकर्मी बारिश, कीचड़ और भारी मलबे के बीच लापता लोगों को खोजने में जुटे हैं.

Reepu Kumari

नई दिल्ली: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात सामान्य होने का नाम नहीं ले रहे हैं. कई प्रभावित इलाकों में अब सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों को ढूंढना है, जिनका बाढ़ के बाद से कोई पता नहीं चल पाया है. बचावकर्मी लगातार अभियान चला रहे हैं और कीचड़ तथा मलबे को हटाकर लापता लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ स्थानों पर बारिश उनके काम को और मुश्किल बना रही है, जबकि कई जगह सूख चुका कीचड़ भी बड़ी बाधा बना हुआ है.

तस्वीरें भयावह

बाढ़ के बाद सामने आ रही तस्वीरें हालात की गंभीरता दिखा रही हैं. अस्पतालों के बाहर लोग लंबी कतारों में खड़े होकर घायलों की सूची में अपने परिचितों के नाम और तस्वीरें देख रहे हैं. उम्मीद होती है कि कोई अपना जीवित मिल जाए. लेकिन जब वहां जानकारी नहीं मिलती तो परिवार मृतकों की तस्वीरों वाली सूची देखने पहुंचते हैं. दूसरी तरफ प्रभावित गांवों में लोग मलबे के बीच घर और जरूरी सामान तलाशने में जुटे हैं.

चौबीस घंटे जारी है लोगों को खोजने का काम

बचाव दल दिन रात लगातार काम कर रहे हैं. अभियान के दौरान उन्हें अलग अलग तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कहीं बारिश के बीच मलबा हटाना पड़ रहा है तो कहीं कीचड़ में रास्ता बनाकर आगे बढ़ना पड़ रहा है. लापता लोगों के परिजन लगातार बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं. समय गुजरने के साथ उनकी बेचैनी बढ़ रही है और हर गुजरते घंटे के साथ सुरक्षित खबर मिलने की उम्मीद भी कमजोर होती जा रही है.


सुरंग तक पहुंचने के लिए हटाई जा रही मिट्टी

अपर त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना स्थल पर भी बचाव अभियान महत्वपूर्ण स्तर पर चल रहा है. नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने रात के समय वहां पहुंचकर मशीनों से मिट्टी हटाने के काम की निगरानी की. विनाशकारी बाढ़ के बाद इस जगह की एक सुरंग में सौ से अधिक लोगों के फंसने की जानकारी सामने आई थी. ऐसे में बचावकर्मी भारी मशीनों की मदद से रास्ता साफ करने और फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

अस्पतालों में अपनों को खोज रहे परिवार

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अस्पताल अब जानकारी जुटाने की सबसे अहम जगहों में शामिल हैं. लोग भर्ती घायलों की सूची में नाम और तस्वीरें ध्यान से देख रहे हैं. हर चेहरे को उम्मीद के साथ पहचानने की कोशिश की जा रही है. जब किसी सूची में अपना व्यक्ति नहीं मिलता, तो चिंता और बढ़ जाती है. कई लोगों को इसके बाद मृतकों की तस्वीरों वाली सूची देखनी पड़ती है. यह स्थिति आपदा के बाद परिवारों की पीड़ा को और गहरा कर रही है.

देवीघाट में मलबे के बीच जिंदगी

नुवाकोट जिले के देवीघाट गांव में बाढ़ के बाद तबाही साफ दिखाई दे रही है. लोग गहरे कीचड़ और मलबे में उतरकर अपने घरों से बचा सामान तलाश रहे हैं. जगह जगह क्षतिग्रस्त इमारतें और उखड़े हुए बिजली के खंभे नजर आ रहे हैं. कई वाहन भी कीचड़ में दबे हुए हैं. परिवारों के लिए इस मलबे के बीच जरूरी चीजें तलाशना आसान नहीं है, लेकिन जो कुछ बचा है उसे वापस हासिल करने की कोशिश लगातार जारी है.

किसी ने मक्का बचाया, किसी ने गैस सिलिंडर

तबाही के बीच लोगों की मजबूरी तस्वीरों में साफ नजर आ रही है. एक महिला बिखरे हुए मक्के के पास बैठी दिखाई दी. दूसरी महिला गोद में बच्चे को लेकर टूटी इमारतों के बीच से गुजरती नजर आई. मलबे के बीच एक मृत कुत्ता भी पड़ा था. वहीं एक व्यक्ति गैस सिलिंडर लेकर मलबे से बाहर निकल रहा था. यही वह सामान था, जिसे वह बाढ़ की तबाही के बीच अपने घर से बचा सका. नेपाल में राहत अभियान जारी है, लेकिन कई परिवार अब भी अपनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं.