समंदर के दैत्य से मिडिल ईस्ट में बढ़ी टेंशन! ईरान के दरवाजे पर अमेरिकी युद्धपोत से बढ़ा जंग का खतरा, ट्रंप बातचीत के लिए तैयार
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराता जा रहा है. एक ओर US ने युद्धपोत तैनात किए हैं, तो दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत की इच्छा जताई है.
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े भू-राजनीतिक तनाव के दौर से गुजर रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन साथ ही अमेरिका ने ईरान के नजदीक अपनी नौसैनिक ताकत को और मजबूत कर दिया है. इसी बीच ईरान भी सैन्य तैयारी तेज करता दिख रहा है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं.
ट्रंप का बयान: बातचीत बेहतर रास्ता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह ईरान के साथ बातचीत करना चाहते हैं. कैनेडी सेंटर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बेहद ताकतवर जहाज ईरान की दिशा में बढ़ रहे हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल न करना ही बेहतर होगा. उन्होंने संकेत दिया कि हालात अभी भी बातचीत के जरिए संभाले जा सकते हैं.
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसैनिक ताकत
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दिया है. बीते 48 घंटों में यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक नाम का नया विध्वंसक जहाज इस क्षेत्र में पहुंचा है. इसके साथ ही यहां अमेरिकी विध्वंसक जहाजों की संख्या छह हो गई है. इनके अलावा एक विमानवाहक पोत और तीन अन्य तटीय युद्धपोत भी तैनात हैं.
ईरान की बढ़ती सैन्य तैयारी
अमेरिकी तैनाती के जवाब में ईरान भी सैन्य मोर्चे पर सक्रिय नजर आ रहा है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को एक हजार नए ड्रोन सौंपे गए हैं. तेहरान के सूत्रों के मुताबिक, ईरान संभावित सैन्य टकराव के लिए खुद को तैयार कर रहा है, क्योंकि उसे लगता है कि अमेरिकी शर्तों पर समझौता करना ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है.
ड्रोन तकनीक पर ईरान का फोकस
ईरान को मिले नए ड्रोन हाल के सैन्य अनुभवों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. बताया गया है कि जून में अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों से मिले सबक के आधार पर इन ड्रोन को विकसित किया गया है. रक्षा मंत्रालय और सैन्य विशेषज्ञों की मदद से बनाए गए ये ड्रोन आधुनिक युद्ध जरूरतों के अनुरूप हैं.
लड़ाकू से लेकर निगरानी ड्रोन शामिल
इन ड्रोन में अलग-अलग श्रेणियां शामिल हैं, जिनमें लड़ाकू, हमला करने वाले, निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े ड्रोन मौजूद हैं. इन्हें जमीन, समुद्र और हवा में मौजूद स्थिर व गतिशील लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. मौजूदा हालात में यह साफ है कि मिडिल ईस्ट में तनाव फिलहाल कम होने के संकेत नहीं दे रहा है.