सरकार का विरोध, संसद पर धावा और सड़कों पर पुलिस का कत्लेआम, आखिर क्यों जल रहा केन्या?
Kenya News: पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या एक बिल के विरोध के कारण जल रहा है. गुस्साई जनता देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारियों ने यहां तक की देश की संसद पर भी धावा कर दिया. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई का सहारा लिया. इस दौरान कई लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. केन्या में यह विवाद टैक्स बढ़ाने वाले बिल पर हो रहा है.
Kenya News: अफ्रीकी देश केन्या विद्रोह और भीषण आग की लपटों में जल रहा है. यहां के लोगों ने सरकार के विरोध में देश की संसद पर भी धावा बोल दिया. लोगों ने कई हिस्सों में आग लगा दी. राजधानी नैरोबी में पुलिस ने उपद्रवियों को शांत करने के लिए फायरिंग तक कर दी. इस फायरिंग में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है. फायरिंग में दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं. दरअसल प्रदर्शनकारी सरकार द्वारा लाए जा रहे उस बिल का विरोध कर रहे हैं जिसमें टैक्स बढ़ाये जाने का प्रावधान है. इस बिल के लागू हो जाने पर केन्याई लोगों को कई तरह के टैक्स में बढ़ोत्तरी हो जाने का डर है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार, हिंसक प्रदर्शनकारियों ने केन्याई संसद तक को नहीं छोड़ा. उन्होंने वहां की संसद के बाहरी हिस्सों में आग लगा दी. गुस्साए प्रदर्शनकारी पुलिस और सैन्य बलों पर हमला कर रहे हैं, ताकि उन्हें अंदर घुसने दिया जाए. पुलिसवालों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे आक्रामक हो गए. उन्होंने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया. पुलिसबल उन्हें रोकने में नाकाम रहे. पुलिसिया कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल हो गए जिन्हें अस्पताल ले जाया गया.
पुलिस ने बरसाई गोलियां, छोड़े आंसू गैस के गोले
हमले को देखते हुए संसद में मौजूद सांसदों ने सदन खाली कर दिया. राजधानी नैरोबी में मामला तो इस कदर बढ़ गया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली तक चला दी. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी इस दौरान संसद में मौजूद औपचारिक गदा भी चुरा ले गए. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि राजधानी नैरोबी और अन्य शहरों में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं, उन पर पानी की बौछार की गई है. प्रदर्शनकारियों के ऊपर गोलियां भी चलाई गईं. इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने उन पर पथराव किया. प्रदर्शनकारियों मांग कर रहे हैं कि प्रेसिडेंट विलियम रूटो अपने पद से इस्तीफा दे दें. रूटो ने दो साल पहले ही चुनाव जीता था.
सरकार का क्यों हो रहा विरोध?
केन्याई सरकार ने एक विवादित बिल को मंजूरी दी है. यदि यह लागू हो गया तो देश में टैक्स बढ़ जाएगा. केन्याई सरकार का कहना है कि वह देश पर भारी कर्ज के बोझ को कम करना चाहती है. वह बढ़े हुए टैक्स के जरिए 2.7 बिलियन डॉलर से अधिक राशि जुटाना चाह रहीव है. रिपोर्ट के मुताबिक, केन्याई सरकार पर कर्ज इतना ज्यादा है कि उसे सिर्फ ब्याज चुकाने में ही सरकारी खजाने का 37 फीसदी खर्च करना पड़ जाता है. केन्या के लोग शुरुआत से ही इस बिल का विरोध कर रहे थे. इस बिल को जैसे ही संसद से मंजूरी मिली, उन्होंने संसद पर धावा बोल दिया.