'ट्रंप को गुमराह किया जा रहा है', जेडी वेंस ने ईरान युद्ध पर पेंटागन की रिपोर्ट पर सवाल उठाए, रिपोर्ट में दावा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान युद्ध को लेकर पेंटागन की दी जा रही जानकारी पर सवाल उठा रहे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार वे चिंतित हैं कि रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध की वास्तविक स्थिति के बजाय ज्यादा सकारात्मक और चमकदार तस्वीर पेश कर रहे हैं. वेंस ने मिसाइल स्टॉक की तेजी से हो रही कमी को लेकर भी चिंता जताई है.
नई दिल्ली: वाशिंगटन में ट्रंप प्रशासन के अंदर ईरान युद्ध को लेकर गहरी बहस चल रही है. आठ हफ्ते पुराने इस संघर्ष में पेंटागन के प्रमुख पेटे हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन अमेरिकी सेना की सफलता का जोरदार दावा कर रहे हैं. वे कह रहे हैं कि ईरान की वायुसेना, नौसेना और रक्षा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया है और अमेरिका के हथियारों का स्टॉक अभी भी मजबूत है. लेकिन 'द अटलांटिक' की रिपोर्ट के मुताबिक उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बंद कमरों में हुई बैठकों में इन दावों की सच्चाई पर बार-बार सवाल उठा चुके हैं.
जेडी वेंस ने जताई चिंता
JD Vance ने ट्रंप को दी जा रही जानकारी की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. वे पूछ रहे हैं कि क्या युद्ध की जो रोसरी तस्वीर पेश की जा रही है, वह वास्तविकता से मेल खाती है या नहीं. रिपोर्ट बताती है कि वेंस विशेष रूप से अमेरिकी मिसाइल स्टॉक की तेजी से हो रही कमी को लेकर चिंतित हैं और इसे लेकर उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से भी चर्चा की है.
हेगसेथ पर संदेह
वेंस ने अपनी चिंताओं को व्यक्तिगत रखा है और उन्होंने हेगसेथ या केन पर सीधे आरोप नहीं लगाया कि वे ट्रंप को गुमराह कर रहे हैं. सार्वजनिक रूप से वेंस ने हेगसेथ की तारीफ भी की है और कहा है कि वे अपना काम अच्छे से कर रहे हैं. लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि हेगसेथ की तस्वीर इतनी सकारात्मक है कि वह भ्रामक लगती है.
युद्ध की वास्तविक तस्वीर
हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान की सेना तबाह हो गई है और अमेरिका उसके हवाई क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण रखता है. लेकिन आंतरिक खुफिया आकलन बताते हैं कि ईरान अपनी वायुसेना का करीब दो-तिहाई हिस्सा बचा हुआ है. उसके मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता और छोटी तेज नावों का बड़ा हिस्सा भी बरकरार है. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार अमेरिका कई महत्वपूर्ण हथियारों का आधा से ज्यादा स्टॉक इस्तेमाल कर चुका है.
वेंस का भविष्य युद्ध के नतीजे पर निर्भर
यह पहली बार नहीं है जब वेंस ने ईरान युद्ध पर सवाल उठाए हों. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू होने से पहले भी उन्होंने इसका विरोध किया था और कहा था कि इससे क्षेत्र में अराजकता फैलेगी. अब कुछ सलाहकारों का मानना है कि वेंस को लगता है कि उनका राजनीतिक भविष्य, खासकर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव, इस युद्ध के नतीजे पर टिका हुआ है. उन्होंने इस्लामाबाद में शांति वार्ता का नेतृत्व भी किया था.
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