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शहबाज और नेतन्याहू एक ही स्टेज पर! ट्रंप की गाजा मीटिंग में पाक-इजरायल की होगी पहली जुगलबंदी, क्या है पूरा खेल?

पाकिस्तान और इजरायल के प्रधानमंत्री पहली बार अमेरिका में गाजा बोर्ड ऑफ पीस बैठक में एक साथ नजर आएंगे. इसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे. इस दौरान पाकिस्तान फिलिस्तीन समर्थन दोहरा सकता है.

ani
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिका में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक कूटनीति का नया अध्याय लिखने जा रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और इजरायल के बेंजामिन नेतन्याहू एक ही मंच पर होंगे, जो दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक पल होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बैठक की कमान संभालेंगे.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. बैठक में पाकिस्तान फिलिस्तीन के हक में आवाज बुलंद करेगा, गाजा में संघर्ष विराम और स्थायी समाधान की मांग करेगा. इस बीच, पाकिस्तानी प्रवक्ता ने भारत पर क्रिकेट को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया है.  

बैठक में पाकिस्तान की भागीदारी

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार गाजा बोर्ड ऑफ पीस बैठक में हिस्सा लेंगे. यह पहला अवसर होगा जब पाकिस्तान और इजरायल के नेता एक साथ किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौजूद रहेंगे. पाकिस्तान का कहना है कि वे सकारात्मक इरादे से शामिल हो रहे हैं, मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपना पक्ष रखने के लिए.  

ट्रंप के साथ संभावित मुलाकात

सूत्रों के मुताबिक, बैठक के अलावा व्हाइट हाउस में शहबाज शरीफ और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अलग से द्विपक्षीय चर्चा हो सकती है. पाकिस्तान इस प्लेटफॉर्म का उपयोग फिलिस्तीन के समर्थन, गाजा में तत्काल युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित राजनीतिक हल निकालने के लिए करेगा. इजरायल के साथ मंच साझा करने पर पाकिस्तान ने सतर्क रवैया अपनाया है. 

इजरायल की उपस्थिति पर पाकिस्तान का बयान

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री का बैठक में शामिल होना उनका निजी फैसला है, हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करते. साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री के म्यूनिख, जर्मनी दौरे की खबरों का खंडन किया. प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान का फोकस वैश्विक मुद्दों पर रहेगा.  

भारत पर पाकिस्तान का हमला

प्रवक्ता ने भारत को निशाने पर लेते हुए कहा कि क्रिकेट को राजनीति में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है. पाकिस्तान का भारत के खिलाफ मैच न खेलने का निर्णय खेल को हथियार बनने से रोकने के लिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत क्रिकेट को बांग्लादेश के विरुद्ध एक उपकरण की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा था.