Iran VS Israel War: 'सिर्फ जिंदा रहने की कोशिश कर रहे हैं', इरान में फंसे भारतीय छात्रों का छलका दर्द; मदद के लिए सरकार से अपील

Iran VS Israel War: ईरान के आसमान में उड़ान प्रतिबंध जारी है, जिससे छात्र अनिश्चित हैं कि वे कब और कैसे अपने देश लौट पाएंगे, क्योंकि तनाव की स्थिति बनी हुई है और इसका असर उनकी वापसी पर पड़ रहा है.

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Anvi Shukla

Iran VS Israel War: इजराइल और इरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच, इरान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों भारतीय मेडिकल छात्रों ने भारतीय सरकार से अपील की है कि उन्हें जल्द से जल्द निकाला जाए. कई छात्रों ने कहा कि अब वे अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, न कि डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद बेहेश्ती विश्वविद्यालय, तेहरान में MBBS के तीसरे वर्ष के छात्र इम्तिसाल मोहिदीन ने कहा, 'शुक्रवार सुबह 2:30 बजे जब मुझे तेज धमाके सुनाई दिए, तो मैं तुरंत बंकर में भागा. हम तीन दिनों से सो नहीं पाए हैं.' इम्तिसाल ने बताया कि धमाके छात्रावास और अपार्टमेंट से कुछ किलोमीटर दूर हुए थे, जिससे छात्रों को शरण लेने के लिए बंकरों में जाना पड़ा.

विज्ञापन करते छात्र डर के साये में

कर्मन विश्वविद्यालय के पहले साल के छात्र फैज़ान नबी ने कहा, 'आज हमारे शहर में गोलीबारी की आवाजें आईं. तेहरान में मेरे दोस्त घबराए हुए हैं. हमें 3-4 दिनों के लिए पीने का पानी जमा करने की सलाह दी गई है ताकि आपात स्थिति में पानी की कमी न हो. हालात बहुत खराब हैं.' फैजान ने यह भी बताया, 'मेरे परिवार वाले मुझे रोज 10 कॉल करते हैं. इंटरनेट इतना धीमा है कि मैं व्हाट्सएप पर संदेश तक नहीं भेज पाता. हम यहाँ डॉक्टर बनने आए थे, अब सिर्फ अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं.'

इरान में फंसे छात्रों की घर वापसी की उम्मीदे

इम्तिसाल और अन्य छात्रों ने भारतीय सरकार से अपील की है कि उन्हें जल्द से जल्द निकाला जाए. उनका कहना है कि हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं और अब तक कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है. मिदहात, जो इरान विश्वविद्यालय में चौथे वर्ष के छात्र हैं, ने बताया, 'पहली रात जब हमले हुए, तो वह सबसे डरावनी रात थी. मेरी फैमिली लगातार मुझसे संपर्क कर रही है और हम सब न्यूज पर निगरानी रखे हुए हैं.'

सरकार से निकासी की अपील

इम्तिसाल ने कहा, 'हम भारतीय सरकार से अपील करते हैं कि हमें जल्द से जल्द निकाला जाए क्योंकि हालात दिन-ब-दिन और खराब हो रहे हैं. भारतीय दूतावास हमारे साथ संपर्क बनाए हुए है, लेकिन अब हम घबराए हुए हैं और घर लौटने की जरूरत महसूस कर रहे हैं.'