India-US Trade: ट्रंप के टैरिफ पर भारत नहीं करेगा पलटवार, रणनीति पर सरकार का खुलासा
India-US Trade: चीन अमेरिका के साथ शुरूआती व्यापार वार्ता को एक अवसर के रूप में देख रहा है, जबकि वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे कॉम्पिटिटर्स को उच्च टैरिफ से अधिक नुकसान हुआ है.
India-US Trade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयात पर 26% टैरिफ लगाए जाने के बाद भी भारत ने जवाबी टैरिफ लगाने से साफ इनकार कर दिया है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों में टकराव नहीं चाहता और फिलहाल जवाबी कार्रवाई की कोई योजना नहीं है.
समझदारी से काम ले रहा है भारत
बता दें कि अधिकारी ने कहा, ''हम ट्रंप के टैरिफ ऑर्डर के उस हिस्से पर ध्यान दे रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि जो देश 'गैर-पारस्परिक व्यापार व्यवस्थाओं' में सुधार लाएंगे, उन्हें संभावित राहत मिल सकती है.'' भारत को भरोसा है कि अमेरिका के साथ बातचीत से हल निकल सकता है.
Also Read
- Waqf Law Dispute: वक्फ कानून का समर्थन करना BJP नेता असकर अली को पड़ा भारी, भीड़ ने फूंका घर
- Kolkata Car Accident: नशे में धुत डायरेक्टर ने भीड़ को रौंदा, एक की मौत, 6 घायल… गुस्साए लोगों ने दिखा दिया यमराज!
- Stock Market Crash: भारी गिरावट के साथ बाजार खुला, सेंसेक्स 3,900 अंक टूटा; निवेशकों के उड़े होश
चीन और वियतनाम से आगे भारत की स्थिति
वहीं एक अन्य अफसर ने कहा कि भारत ने चीन, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों के मुकाबले आगे रहकर अमेरिका से बातचीत शुरू कर दी है, जिससे भारत की स्थिति मज़बूत बनी हुई है. वहीं ताइवान और इंडोनेशिया की तरह भारत ने भी ट्रंप के फैसले पर जवाबी टैरिफ से दूरी बनाए रखी है.
ट्रेड डील की तैयारी जारी
बताते चले कि भारत और अमेरिका के बीच एक प्राथमिक व्यापार समझौता 2025 की ठंड तक करने पर सहमति बनी है. इसके लिए भारत ने हाई-एंड बाइक्स, बॉर्बन व्हिस्की पर टैरिफ कम किए हैं और डिजिटल सर्विस टैक्स भी हटा दिया है. वहीं एक्स्पर्ट्स ने चेतावनी दी है कि ट्रंप की यह नीति भारत की जीडीपी पर 20-40 आधार अंकों की मार डाल सकती है. खासकर हीरा निर्यात उद्योग पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.