ग्रीनलैंड विवाद में रूस की एंट्री, ट्रंप की चेतावनी के बीच कहा- यह डेनमार्क का हिस्सा नहीं
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव में रूस के बयान ने नया मोड़ दे दिया है. ट्रंप की टैरिफ धमकियों और लावरोव की टिप्पणी से वैश्विक राजनीति और गर्म हो गई है.
नई दिल्ली: ग्रीनलैंड विवाद अब सिर्फ एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक कूटनीति का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक रणनीति, यूरोपीय संघ की नाराज़गी और अब रूस की खुली टिप्पणी ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन से जोड़ दिया है. डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र रहा ग्रीनलैंड अब अमेरिका, यूरोप और रूस के बयानों के कारण वैश्विक राजनीति की सुर्खियों में है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ग्रीनलैंड को खरीदने या उस पर अमेरिकी नियंत्रण की बात दोहरा चुके हैं. उनका तर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह क्षेत्र अमेरिका के लिए बेहद अहम है. ट्रंप ने साफ कहा है कि यदि यूरोपीय देश उनके प्रस्ताव का विरोध करेंगे तो उन पर भारी टैरिफ लगाए जाएंगे. इस बयान के बाद यूरोप में राजनीतिक और आर्थिक हलचल तेज हो गई है.
रूस के बयान से बढ़ी हलचल
अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि सिद्धांत रूप में ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है. लावरोव के मुताबिक यह न तो नॉर्वे का स्वाभाविक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का, बल्कि यह एक औपनिवेशिक विजय का परिणाम है. इस टिप्पणी को अमेरिका और यूरोप के विवाद में नया ईंधन माना जा रहा है.
रूस ने अमेरिकी आरोपों को किया खारिज
ट्रंप की ओर से लगाए गए इस आरोप पर कि रूस भी ग्रीनलैंड पर नजर रखे हुए है, मॉस्को ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. मॉस्को में पत्रकारों से बात करते हुए लावरोव ने कहा कि रूस की ग्रीनलैंड में किसी तरह की दखल देने या नियंत्रण हासिल करने में कोई रुचि नहीं है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वाशिंगटन को अच्छी तरह पता है कि मॉस्को की ऐसी कोई योजना नहीं है.
यूरोप की नाराजगी और जवाबी तैयारी
यूरोपीय देशों का कहना है कि ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ पिछले साल हुए व्यापार समझौतों का उल्लंघन हैं. यूरोपीय संघ के नेता इस मुद्दे पर गुरुवार को ब्रुसेल्स में एक आपातकालीन शिखर सम्मेलन करने वाले हैं. इस बैठक में अमेरिका के खिलाफ संभावित जवाबी कदमों पर चर्चा होगी. यूरोप इसे केवल व्यापार नहीं, बल्कि संप्रभुता से जुड़ा सवाल मान रहा है.
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ता टकराव
ग्रीनलैंड को लेकर चल रही यह खींचतान अब अमेरिका, यूरोप और रूस के बीच व्यापक रणनीतिक टकराव का रूप ले रही है. ट्रंप की आक्रामक नीति, यूरोप की सामूहिक प्रतिक्रिया और रूस की ऐतिहासिक टिप्पणी ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है. आने वाले दिनों में यह विवाद वैश्विक कूटनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.
और पढ़ें
- 'मदर ऑफ ऑल डील्स' के बेहद करीब भारत-यूरोपियन यूनियन व्यापार समझौता, दुनिया के सबसे बड़े बिजनेस फोरम में EU प्रमुख का बड़ा दावा
- ब्रिटिश सांसद ने ट्रंप को कह दिया 'इंटरनेशनल गुंडा', ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों पर भड़के
- दाने-दाने को मोहताज पाकिस्तान, ऑपरेशन सिंदूर से डरे आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने बनवाए 6 न्यूक्लियर बंकर