ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर जोरदार धमाका, क्या अमेरिका ने कर दिया हमला?

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, धमाके की वजह अभी तक साफ नहीं हुई है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. बचाव दल और अग्निशमन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है.

Anuj

नई दिल्ली: ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बंदर अब्बास बंदरगाह पर जोरदार धमाका हुआ है. धमाके में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई है. 

यह विस्फोट शहर के मोअल्लेम बुलेवार्ड इलाके में एक आठ मंजिला इमारत में हुआ. ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, धमाके से इमारत की दो मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गई. कई गाड़ियां और दुकानें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है. 

धमाके की वजह साफ नहीं

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, धमाके की वजह अभी तक साफ नहीं हुई है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. होर्मोजगान प्रांत के संकट प्रबंधन निदेशक मेहरदाद हसनजादेह ने कहा कि घटना की पूरी जांच की जा रही है. 

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव

बचाव दल और अग्निशमन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. धमाके में 4 लोगों की मौत व 10 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है. विस्फोट के बाद सामने आई तस्वीरों में चारों तरफ मलबा पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है. यह धमाका ऐसे वक्त हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी आगे तक बढ़ चुका है. हालांकि, इस विस्फोट के पीछे अबतक अमेरिकी हमले की पुष्टि नहीं हुई है. 

ट्रंप की सख्त बयानबाजी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को लेकर सख्त बयानबाजी कर रहें हैं. अमेरिकी सेना ने खाड़ी इलाके में अपने जहाज और विमान तैनात किए हुए हैं. ईरान में पिछले कुछ महीनों से अंदरूनी अशांति भी जारी है. हालांकि, इस घटना को किसी हमले से जोड़ने वाली अफवाहें फैलीं, लेकिन ईरानी मीडिया ने उन्हें सिरे से खारिज कर दिया. ईरान की एक न्यूज एजेंसी ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में आईआरजीसी के नौसेना कमांडर पर हमले की बात कही गई, जो पूरी तरह गलत है.

इलाके में कड़ी सुरक्षा

बंदर अब्बास ईरान का बड़ा दक्षिणी बंदरगाह है. यहां से तेल का निर्यात और व्यापार होता है. यह शहर खाड़ी के किनारे स्थित है और रणनीतिक रूप से बहुत अहम है. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. लोग डरे हुए हैं और स्थिति पर सबकी नजर टिकी हुई है. जांच पूरी होने के बाद ही असली वजह पता चलेगी. फिलहाल राहत कार्य जारी हैं.