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कल खत्म हो जाएगा ईरान युद्ध? डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्र को करेंगे संबोधित, पाकिस्तान-चीन का प्लान होगा सफल!

मिडिल ईस्ट युद्ध को शुरू हुए एक महीने से ऊपर हो चुका है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जंग के बीच पहली बार राष्ट्र को संबोधित करने जा रहे हैं. जिससे यह कयास लग रहे हैं कि अब ईरान युद्ध खत्म हो सकता है.

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Shanu Sharma

मिडिल ईस्ट जंग का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. इस संघर्ष के कारण महंगाई तेजी से बढ़ रही है, पूरे विश्व का तेल सप्लाई चेन प्रभावित हुआ है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल को राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. उनके इस संबोधन में युद्ध को समाप्त करने के ऐलान की संभावना जताईजा रही है.

पाकिस्तान और चीन द्वारा लगातार इस युद्ध को खत्म करने के लिए वार्ता की जा रही है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने लगातार सीजफायर करने पर जोर दिया है. जिसके कारण यह उम्मीद और भी ज्यादा बढ गई है. अब पूरी दुनिया की नजर ट्रंप के संबोधन की ओर है. 

ईरान युद्ध के खत्म होने का संकेत

ईरान युद्ध के खत्म होने की संभावना इसलिए भी ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बयान और राष्ट्रपति ट्रंप के बयान अलग हो गए हैं. एक ओर ट्रंप इस मुद्दे को जल्द खत्म करना चाहते हैं, वहीं नेतन्याहू ने अब अरब के साथ नया समझौता बनाने का प्लान बनाया है.ट्रंप ने हाल के दिनों में स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान से बहुत जल्द निकलने वाला है, जिसमें दो से तीन सप्ताह का समय लग सकता है. उन्होंने कहा कि ऐसा तब होगा जब यह सुनिश्चित हो जाएगा कि ईरानी शासन लंबे समय तक परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा, तब अमेरिका अपना अभियान समाप्त कर देगा.

पाकिस्तान और चीन से नाखुश ईरान!

इस युद्ध को खत्म करवाने के लिए 31 मार्च को बीजिंग में बैठक की गई. चीन और पाकिस्तान ने मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के लिए पांच सूत्री पहल जारी की. हालांकि ईरान ने पाकिस्तान को अमेरिका के साथ सीधे मध्यस्थ बनाने के विचार का विरोध किया है, लेकिन क्षेत्र में जंग खत्म करने और शांति स्थापित करने की अपील का स्वागत किया है. ईरानी पक्ष का कहना है कि कोई भी शांति प्रयास क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान करते हुए होना चाहिए. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है. तेल आपूर्ति बाधित होने से ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है. ट्रंप के संबोधन ना केवल मिडिल ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर हो सकती है.