Trump Tariff: ट्रंप के 'टैरिफ बम' से चीन की हालत होने लगी खराब, ड्रैगन को अमेरिका में लगा तगड़ा झटका
US China Conflict: अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध के कारण अप्रैल में चीन से निर्यात आदेशों में कमी आई. आधिकारिक विनिर्माण क्रय प्रबंधकों का सूचकांक मार्च में 50.5 से घटकर 49.0 के 16 महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया.
US China Conflict: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी वस्तुओं पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने के बाद चीन की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर दिखने लगा है. अप्रैल में चीन से अमेरिका को होने वाले निर्यात ऑर्डर में भारी गिरावट दर्ज की गई है. चीन के मासिक विनिर्माण सर्वे के अनुसार, फैक्ट्री मैनेजर्स ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ के कारण ऑर्डर में तेजी से कटौती हुई है.
बता दें कि ट्रंप ने चीन से आयातित वस्तुओं पर 145% तक का टैरिफ लागू किया है, जिससे बीजिंग और वॉशिंगटन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. इसके जवाब में चीन ने भी कुछ अमेरिकी उत्पादों पर 125% तक का शुल्क लगाया है. इतना ही नहीं, चीन ने हाई-टेक सामानों में इस्तेमाल होने वाले कुछ दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर भी सख्त पाबंदियां लगा दी हैं.
पीएमआई में 16 महीने की सबसे बड़ी गिरावट
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वहीं चीन का आधिकारिक Purchasing Managers' Index (PMI) मार्च में 50.5 से गिरकर अप्रैल में 49.0 पर पहुंच गया है, जो पिछले 16 महीनों का सबसे निचला स्तर है. गौरतलब है कि PMI में 50 से ऊपर का आंकड़ा विकास को दर्शाता है, जबकि नीचे का आंकड़ा गिरावट का संकेत देता है.
बीजिंग की सफाई और अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कोशिश
हालांकि, चीनी अधिकारियों ने बयान दिया है कि उनकी अर्थव्यवस्था इन टैरिफ का मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है. उन्होंने निवेशकों को आश्वासन दिया है कि सरकार आर्थिक स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है.
इसके अलावा, चीन के विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिका पर निशाना साधते हुए एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वॉशिंगटन पर जबरदस्ती और दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है. वीडियो में दावा किया गया है कि अमेरिका ने जापान की कंपनी तोशिबा और फ्रांस की अल्स्टॉम जैसी कंपनियों को भी इसी तरह कमजोर किया था.