US Israel Iran War

'अब वादों को जमीन पर उतारने की बारी', अमेरिका-ईरान MoU पर डोनाल्ड ट्रंप ने किए हस्ताक्षर

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव कम होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते के MoU पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. समझौते के बाद अब अंतिम शर्तों को लेकर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहेगी.

X (@EmmanuelMacron)
Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच लगभग चार महीने से चल रहा तनाव अब शांत होता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के MoU हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसी के साथ मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब खत्म होने की दिशा में है. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते पर हस्ताक्षर G7 शिखर सम्मेलन के बाद वर्साय के महल में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ डिनर के दौरान किया. राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा समझौते पर साइन करने के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी.

मैक्रों ने शेयर किया पोस्ट

मैक्रों ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आज वर्साय में ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर किए. उन्होंने आगे लिखा कि यह समझौता स्थायी शांति का रास्ता बनाता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की अनुमति देता है.


उन्होंने इस समझौते पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह हमारे देशवासियों के लिए सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जल्द ही ऊर्जा की कीमतों में कमी आएगी. ईरान की ओर से भी इस समझौते पर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए जाने की पुष्टि की गई.

ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बकाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का मसौदा राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर के साथ अंतिम रूप दिया गया. उन्होंने कहा कि अब समझौते को लागू करने की जांच का समय है. हालांकि औपचारिक हस्ताक्षर मूल रूप से शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले थे. तेहरान ने कहा कि जिनेवा बैठक अभी भी योजना के अनुसार होगी.

दस्तावेज पर हस्ताक्षर होने के बाद, अमेरिका और ईरान के पास अंतिम समझौते की शर्तों पर बातचीत करने के लिए 60 दिन होंगे. समझौते के मुताबिक अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा. उस अवधि के दौरान, युद्ध-पूर्व स्तरों के अनुरूप जहाजों की आवाजाही बहाल होने की उम्मीद है. दस्तावेज़ में यह भी कहा गया है कि अंतिम समझौता होने के 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के आसपास के इलाकों से अपनी सेना हटा लेगा.