चीन का एक और धमाका, जिनपिंग ने दी 11 नए परमाणु रिएक्टरों को मंजूरी, इतनी आएगी लागत
China News: चीन ने परमाणु उर्जा को बढ़ावा देने और उत्सर्जन को कम करने के लिए रिकॉर्ड संख्या में नए परमाणु रिएक्टरों के निर्माण को मंजूरी दी है. चीन सरकार ने इन न्यूक्लियर रिएक्टर में भारी मात्रा में निवेश करने की भी बात कही है. रिपोर्ट के अनुसार, चीन में फिलहाल 56 परमाणु रिएक्टर चालू हैं.
China News: चीन सरकार ने सोमवार को देश में पांच स्थलों पर 11 परमाणु रिएक्टरों को मंजूरी दे दी है. रिपोर्ट के अनुसार, परमाणु रिएक्टर को मंजूरी मिलने की यह रिकॉर्ड संख्या है. कहा जा रहा है देश उत्सर्जन को समाप्त करने के प्रयासों में परमाणु उर्जा की ओर अग्रसर हो रहा है. परमाणु रिएक्टरों को शुरु करने के लिए भारी मात्रा में निवेश करने की भी बात कही गई है.
सरकारी चाइना एनर्जी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की कैबिनेट ने जियांग्सू, शांदोंग, ग्वांगडोंग, झेजियांग और गुआंग्शी में नए रिएक्टरों को मंजूरी दे दी है. वित्तीय प्रकाशन जिमियन की रिपोर्ट के अनुसार, सभी 11 इकाइयों के लिए कुल निवेश कम से कम 220 बिलियन युआन होगा और इनके निर्माण में लगभग पांच सालों का समय लगेगा.
सबसे अधिक परमाणु रिएक्टरों का निर्माण
रिपोर्ट के अनुसार, चीन में विश्व के किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक परमाणु रिएक्टरों का निर्माण किया जा रहा है. साल 2022 और साल 2023 में चीन सरकार ने 10 नए रिएक्टरों को मंजूरी दी है. सरकारी स्वामित्व वाली चाइना जनरल न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन की सूचीबद्ध इकाई सीजीएन पावर कंपनी ने हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल एक दस्तावेज में कहा कि उसे तीन साइटों पर छह रिएक्टरों के लिए मंजूरी मिल गई है. चाइना नेशनल न्यूक्लियर पावर कंपनी ने वीचैट पर बताया कि उसे तीन रिएक्टरों के लिए मंजूरी मिल गई है. वहीं, स्टेट पावर इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ने कहा कि उसे दो इकाइयों के लिए मंजूरी मिल गई है.
दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा उत्पादक
चीन परमाणु ऊर्जा संघ के अनुसार, देश में वर्तमान में 56 रिएक्टर चालू हैं, जिनकी सम्मिलित क्षमता कुल बिजली मांग के लगभग 5% के बराबर है. सिटिक सिक्योरिटीज कंपनी ने एक नोट में कहा कि बीजिंग अगले तीन से पांच वर्षों के लिए सालाना लगभग 10 नए रिएक्टरों को मंजूरी दे सकता है. चीन में दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक परमाणु रिएक्टर बन रहे हैं. ब्लूमबर्ग एनईएफ के अनुसार, उम्मीद है कि 2030 तक यह देश फ्रांस और अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा उत्पादक बन जाएगा.