'G7 पिछड़ गया, अब दुनिया पर हमारा राज...' पुतिन ने BRICS को लेकर किया दावा, बोले- ध्वस्त हो रहा है पश्चिमी देशों का दबदबा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने SPIEF मंच से दावा किया कि BRICS आर्थिक ताकत के मामले में G7 से आगे निकल चुका है.
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि BRICS देशों का आर्थिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और यह समूह अब G7 देशों से आगे निकल चुका है. दुनिया की आर्थिक तस्वीर बदल रही है. विकास की रफ्तार अब उन देशों में दिखाई दे रही है जिन्हें लंबे समय तक उभरते बाजार के रूप में देखा जाता रहा. उनके बयान ने वैश्विक आर्थिक संतुलन को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.
BRICS को बताया विकास का नया इंजन
पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में BRICS देशों ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान दिया है. दुनिया की कुल आर्थिक वृद्धि का लगभग आधा हिस्सा BRICS देशों से आया है, जबकि G7 देशों का योगदान काफी कम रहा. उन्होंने कहा कि भारत, चीन, ब्राजील, रूस और अन्य सदस्य देश अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के नए इंजन बन चुके हैं. पुतिन का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ेगा, इन देशों की विकास दर विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक है.
ट्रंप की आलोचना पर दिया जवाब
रूसी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप BRICS समूह की आलोचना कर चुके हैं. ट्रंप ने पहले BRICS को अमेरिकी डॉलर के लिए चुनौती बताया था और इस पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी थी. पुतिन ने बिना सीधे टकराव के अपने आंकड़ों के जरिए जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आर्थिक वास्तविकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. दुनिया का व्यापारिक संतुलन तेजी से बदल रहा है.
व्यापार और निवेश में बढ़ती हिस्सेदारी
पुतिन ने बताया कि BRICS देशों के बीच आपसी व्यापार अब एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक व्यापार में इस समूह की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी है. रूस का मानना है कि सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग मजबूत होने से वैश्विक बाजार में उनकी स्थिति और मजबूत होगी. उन्होंने यह भी कहा कि निवेश, तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में BRICS देशों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे दुनिया का आर्थिक नक्शा बदल रहा है.
ग्लोबल साउथ पर बढ़ा भरोसा
अपने भाषण के अंत में पुतिन ने कहा कि ग्लोबल साउथ अब सिर्फ एक राजनीतिक शब्द नहीं रह गया है, बल्कि आर्थिक ताकत का नया केंद्र बन चुका है. उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया का व्यापार, पूंजी और निवेश धीरे-धीरे नए क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है. उनके मुताबिक, आने वाले समय में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी.