बेंजामिन नेतन्याहू के तेवरों से नाखुश इजराइली सेना! सरकार से ठनी, क्या सच हैं बगावत की खबरें?
इजराइली सेना और सरकार के बीच कई बार मतभेद की खबरें आ चुकी हैं. कई मौकों पर सरकार और सेना के अलग-अलग मत सामने आए हैं. कहा जा रहा है कि सरकार और सेना के बीच ये मतभेद धीरे-धीरे बढ़ भी रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा पर हमले के वक्त इजराइली एकता की बात अब अतीत हो गई है. ताजा मामला इजराइली सेना में भर्ती को लेकर है. आइए, पूरा मामला समझते हैं.
इज़रायली सेना और सरकार के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक वक्त ऐसा था, जब इजराइली सरकार और इजराइली सेना गाजा और हमास के ठिकानों पर हमले को लेकर एकजुट थे. फिलहाल, इजराइली सेना हमास के खिलाफ गाजा समेत अन्य इलाकों में कार्रवाई भी कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 40 हजार से अधिक फिलीस्तीनी मारे गए हैं. लेकिन इस बीच खबर है कि इजराइली सेना के जनरलों और सरकार के बीच खाई बढ़ती जा रही है.
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से जुड़े जानकारों का कहना है कि जनरलों और सरकार के बीच बढ़ती खाई का मतलब है कि गाजा पर पिछले साल अक्टूबर के शुरुआत में जंग के समय इजराइली एकता की बात अब अतीत हो गई है. ये इसलिए क्योंकि कई मौकों पर इजराइली सरकार और सेना के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं.
इजराइली सेना और सरकार के बीच मतभेद का ताजा मामला क्या है?
हाल ही में, इजराइली सेना का अति-रूढ़िवादी येशिवा छात्रों की भर्ती पर फोकस रहा. वहीं, सैन्य जनरल और कई धर्मनिरपेक्ष इजरायली चाहते हैं कि येशिवा छात्रों को अन्य यहूदियों की तरह भर्ती किया जाए, लेकिन नेतन्याहू मंत्रिमंडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, जो अति रूढ़िवादी हैं, वे येशिवा छात्रों की सेना में भर्ती का विरोध कर रही हैं.
इसके अलावा, गाजा के खिलाफ चल रही जंग को बनाए रखना और इसे खत्म करने के तरीके पर भी सरकार और सेना के बीच मतभेद है. जून में इजरायली सेना के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने कहा था कि जो कोई भी सोचता है कि हम हमास को खत्म कर सकते हैं, वे गलत हैं.
उन्होंने कहा कि समस्या ये है कि उन लोगों में से एक खुद नेतन्याहू हैं, जिन्होंने स्पष्ट रूप से हमास के विनाश को युद्ध को समाप्त करने की अपनी शर्तों में से एक बना दिया है, जिसमें अब तक लगभग 40,000 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. यहां तक कि नेतन्याहू के अपने रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने भी सवाल उठाया है कि क्या अक्टूबर में शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने की कोई योजना है?