'चीन और रूस केवल अमेरिका से डरते हैं...', तेल टैंकर की जब्ती के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि असली बात यह है कि उनके फैसलों से लाखों लोगों की जान बची. उनके अनुसार, अमेरिका के बिना नाटो से रूस और चीन को कोई डर नहीं है.
नई दिल्ली: अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर और कैरिबियन सागर में दो अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान वेनेजुएला से जुड़े दो प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है. इस मामले पर सुपर पावर अमेरिका का कहना है कि ट्रंप वेनेजुएला के तेल की वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शिपिंग और बिक्री को सक्षम बनाने के उद्देश्य से 'चुनिंदा' रूप से प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है.
'तेल बाजार से सही दाम पर तेल मिल सके'
वेनेजुएला की स्थिति पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि दूसरा चरण 'पुनर्निर्माण' का होगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी, पश्चिमी और अन्य देशों की कंपनियों को वेनेजुएला के तेल बाजार से सही दाम पर तेल मिल सके.
'मेल-मिलाप की प्रक्रिया शुरू होगी'
उन्होंने यह भी कहा कि इसके साथ-साथ वेनेजुएला में राष्ट्रीय स्तर पर मेल-मिलाप की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके तहत विपक्षी नेताओं को जेलों से रिहा किया जाएगा या उन्हें देश वापस आने की अनुमति दी जाएगी. और साथ ही नागरिक समाज को फिर से मजबूत करने का काम शुरू होगा. तीसरा चरण सत्ता के शांतिपूर्ण बदलाव यानी संक्रमण का होगा. उन्होंने कहा कि ये सभी चरण एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं और आने वाले दिनों में इस पर और जानकारी दी जाएगी.
अमेरिका की बड़ी कार्रवाई
व्हाइट हाउस ने बताया कि सुबह तड़के अमेरिकी तटरक्षक बल ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में दो तथाकथित 'घोस्ट फ्लीट' टैंकरों पर छापा मारा. ये दोनों जहाज या तो हाल ही में वेनेजुएला गए थे या वहां जाने वाले थे. यह कार्रवाई उत्तरी अटलांटिक और कैरिबियन सागर के पास की गई.
नाटो देशों पर ट्रंप की टिप्पणी
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नाटो के कई बड़े समर्थक देश अपनी जीडीपी का सिर्फ 2% ही रक्षा पर खर्च कर रहे थे और उनमें से अधिकतर अपने हिस्से का भुगतान नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अमेरिका बेवजह उनका खर्च उठा रहा था. ट्रंप के अनुसार, उनके दबाव के बाद कई देशों ने रक्षा खर्च बढ़ाकर 5% तक किया और तुरंत भुगतान शुरू कर दिया.
उन्होंने दावा किया कि उनके बिना हस्तक्षेप के रूस अब तक पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर चुका होता. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने अकेले आठ युद्धों को समाप्त कराया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया गया.
'अमेरिकी सेना को मजबूत किया'
ट्रंप ने कहा कि असली बात यह है कि उनके फैसलों से लाखों लोगों की जान बची. उनके अनुसार, अमेरिका के बिना नाटो से रूस और चीन को कोई डर नहीं है. उन्होंने यह भी संदेह जताया कि अगर अमेरिका को कभी जरूरत पड़ी, तो क्या नाटो उसके साथ खड़ा होगा.
ट्रंप ने कहा कि उनके पहले कार्यकाल में अमेरिकी सेना को फिर से मजबूत किया गया और यह काम अब भी जारी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा नाटो के साथ रहेगा, चाहे नाटो अमेरिका के साथ रहे या नहीं. उनके अनुसार, चीन और रूस केवल अमेरिका से डरते और उसका सम्मान करते हैं.