'अगर ग्रीनलैंड देने से मना किया तो...', दावोस में ट्रंप की भड़काऊ टिप्पणी
ट्रंप ने कहा कि लोगों को लगता है कि मैं ग्रीनलैंड के लिए बल प्रयोग करूंगा. मुझे इसकी जरूरत नहीं हैं. मैं बल प्रयोग नहीं करना चाहता और न ही करूंगा.
स्विट्जरलैंड के दावोस में 21 जनवरी 2026 को हुए 56वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया. ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा सिर्फ अमेरिका ही सुनिश्चित कर सकता है और फिलहाल कोई दूसरा देश या नाटो का समूह इस जिम्मेदारी को निभाने की स्थिति में नहीं है.
ग्रीनलैंड को क्यों बताया अहम
ट्रंप ने ग्रीनलैंड की रणनीतिक लोकेशन का जिक्र करते हुए कहा कि आर्कटिक क्षेत्र में इसकी स्थिति दुनिया की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है. उन्होंने कहा कि हर नाटो देश की जिम्मेदारी है कि वह अपने इलाके की रक्षा कर सके, लेकिन ग्रीनलैंड के मामले में ऐसा संभव नहीं दिखता. उन्होंने कहा, “ग्रीनलैंड को सुरक्षित रखने की क्षमता सिर्फ अमेरिका के पास है.”
डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों का सम्मान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों का सम्मान करते हैं. इसके बावजूद उन्होंने दोहराया कि हकीकत यही है कि अमेरिका के बिना ग्रीनलैंड सुरक्षित नहीं रह सकता. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को डेनमार्क को लौटा दिया था और इसे उन्होंने आज की नजर से गलत फैसला बताया.
ट्रंप ने कहा कि वह लीज पर ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकते. उन्होंने ग्रीनलैंड को 'बर्फ का टुकड़ा' बताते हुए कहा कि ग्रीनलैंड की महत्ता के मुकाबले उस पर नियंत्रण की मांग करना बहुत कम है.
उन्होंने कहा, 'लेकिन मैं अब एक ऐसी बर्फीली और दुर्गम जगह पर स्थित वस्तु की मांग कर रहा हूं जो विश्व शांति और विश्व सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेत. दशकों से हमने उन्हें जो दिया है यह उसकी तुलना में बहुत छोटी सी मांग है.'
बल प्रयोग की संभावना को किया खारिज
हालांकि ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण पाने के अपने प्रयास में बल प्रयोग की संभावना को खारिज कर दिया. ट्रंप ने कहा कि लोगों को लगता है कि मैं ग्रीनलैंड के लिए बल प्रयोग करूंगा. मुझे इसकी जरूरत नहीं हैं. मैं बल प्रयोग नहीं करना चाहता और न ही करूंगा.
ना कहने वालों को नहीं भूलूंगा
हालांकि ट्रंप ने कहा कि वे अमेरिका को ग्रीनलैंड देने के लिए ना कहने वालों को वे नहीं भूलेंगे. ट्रंप ने कहा कि आप हां कह सकते हैं, ना कह सकते हैं लेकिन मैं ना कहने वालों को नहीं भूलूंगा.