अमेरिका-इजरायल का ईरान के गर्ल्स स्कूल पर बड़ा हमला, 40 छात्राओं की मौत; सामने आया हमले का वीडियो

ईरान ने इसे सैन्य अभियान शुरू होने के बाद देश के भीतर हुई पहली बड़ी नागरिक मौतों की घटना बताया है. इस हमले से पूरे देश में गुस्सा और शोक का माहौल है.

@Abu__Obayda
Sagar Bhardwaj

ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक लड़कियों के स्कूल को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 40 छात्राओं की मौत हो गई. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार यह घटना शनिवार को हुए बड़े सैन्य हमलों के दौरान हुई.

बताया गया है कि बमबारी के बीच स्कूल की इमारत पर हमला हुआ, जिससे वहां मौजूद छात्राएं मलबे में दब गईं. ईरान ने इसे सैन्य अभियान शुरू होने के बाद देश के भीतर हुई पहली बड़ी नागरिक मौतों की घटना बताया है. इस हमले से पूरे देश में गुस्सा और शोक का माहौल है.

 कई शहरों में धमाके, तेहरान तक असर

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने ईरान के अलग-अलग हिस्सों में कई ठिकानों पर हमले किए. शुरुआती हमलों की खबरें ईरान के सर्वोच्च नेता के दफ्तर से जुड़े इलाकों के आसपास भी आईं. राजधानी तेहरान के कई हिस्सों में धमाके सुने गए और धुआं उठता देखा गया. ईरान का कहना है कि यह हमले उसके सैन्य और प्रशासनिक ढांचे को निशाना बनाकर किए गए, लेकिन नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा.

ईरानी शासन से पैदा खतरे को खत्म करना है मकसद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में बड़े सैन्य अभियान चल रहे हैं और इसका मकसद ईरानी शासन से पैदा खतरे को खत्म करना है. उन्होंने ईरान की जनता से अपने देश के नेतृत्व को चुनौती देने की अपील भी की. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि यह संयुक्त कार्रवाई ईरान की जनता को अपना भविष्य खुद तय करने का मौका देगी. दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि यह हमला केवल सैन्य नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव की रणनीति का भी हिस्सा है.

 ईरान बोला- कोई नरमी नहीं बरतेगा

हमलों के बाद ईरान ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और इजरायल की ओर मिसाइल व ड्रोन दागे. साथ ही खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. अबू धाबी में एक मिसाइल के मलबे से एक व्यक्ति की मौत की खबर है. बढ़ते तनाव के कारण संयुक्त अरब अमीरात और इराक ने अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश अब हमलों का जवाब देने में कोई नरमी नहीं बरतेगा और “राष्ट्र की रक्षा का समय आ गया है.”