सर्दी में ‘साइलेंट किलर’ का कहर! दिल्ली के फ्लैट्स से लेकर बिहार के गांवों तक हीटर से हो रही मौतें, डॉक्टरों ने बताई वजह

उत्तर भारत में सर्दी के दौरान हीटर और अंगीठी से हो रही मौतें चिंता बढ़ा रही हैं. बंद कमरों में कार्बन मोनोऑक्साइड जमा होने से पूरे परिवार नींद में दम तोड़ रहे हैं, जिसे डॉक्टर ‘साइलेंट किलर’ बता रहे हैं.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले हीटर और अंगीठी अब जानलेवा साबित हो रहे हैं. दिल्ली के अपार्टमेंट से लेकर बिहार के गांव और कश्मीर की घाटी तक, बीते एक महीने में कई परिवार नींद में ही मौत का शिकार हो गए. यह घटनाएं अलग-अलग जगहों की हैं, लेकिन कारण लगभग एक जैसा- बंद कमरों में हीटर का गलत इस्तेमाल. डॉक्टर इसे कार्बन मोनोऑक्साइड का खामोश हमला बता रहे हैं.

उत्तर भारत में बढ़ती घटनाएं

पंजाब, दिल्ली, बिहार और जम्मू-कश्मीर से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं. पंजाब के तरनतारन में एक युवा दंपती और उनका एक माह का बच्चा अंगीठी जलाकर बंद कमरे में सो गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई. इसी तरह बिहार के गया में एक दादी और उनके दो पोते बंद कमरे में अंगीठी की वजह से नहीं बच सके. ठंड से राहत की कोशिश जान पर भारी पड़ गई.

दिल्ली से कश्मीर तक मौतों की कड़ी

दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में डीएमआरसी इंजीनियर अजय विमल, उनकी पत्नी और बेटी की मौत आग और धुएं से हुई. आशंका है कि कमरे के हीटर में शॉर्ट सर्किट या विस्फोट हुआ. वहीं श्रीनगर में एक शेफ, उनकी पत्नी और तीन बच्चों की मौत बंद कमरे में इलेक्ट्रिक ब्लोअर चलने से दम घुटने के कारण हुई. हर जगह पीड़ित सोते हुए पाए गए.

क्या है ‘साइलेंट किलर’ का विज्ञान

डॉक्टर कार्बन मोनोऑक्साइड को ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं क्योंकि यह न दिखता है, न सूंघा जा सकता है. श्रीनगर के चेस्ट डिजीज हॉस्पिटल के विशेषज्ञों के मुताबिक गैस, लकड़ी या कोयले से चलने वाले हीटर बंद कमरे में ऑक्सीजन खत्म कर देते हैं. इससे कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड जमा हो जाती है. पीड़ितों को पहले चक्कर, सिरदर्द होता है और फिर बेहोशी आ जाती है. 

सिर्फ दम घुटना ही खतरा नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि हीटर का लंबा इस्तेमाल हवा की नमी भी खत्म करता है. जयपुर के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार इससे नाक, गला और त्वचा सूखती है, अस्थमा और एलर्जी बढ़ सकती है. गंभीर मामलों में दिमाग में रक्तस्राव तक का खतरा रहता है. साथ ही इलेक्ट्रिक हीटर से आग लगने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं.

कैसे करें खुद को सुरक्षित

डॉक्टर सलाह देते हैं कि हीटर या अंगीठी जलाते समय कमरे में वेंटिलेशन जरूर रखें. पूरी रात बंद कमरे में हीटर न चलाएं. नमी बनाए रखने के लिए पानी का बर्तन रखें और घर में कार्बन मोनोऑक्साइड सेंसर लगवाएं. सभी हीटिंग उपकरणों की समय-समय पर जांच और सर्विसिंग बेहद जरूरी है. थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है.