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'अस्पतालों को तो न कहें मंदिर,' मिजोरम और नागालैंड ने क्यों स्वास्थ्य मंत्रालय से लगाई गुहार?

आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर मिजोरम और नागालैंड की सरकार को ऐतराज है. दोनों राज्यों का कहना है कि बहुसंख्यक आबादी ईसाई है, ऐसे में यह नाम धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है. राज्यों की मांग है कि नाम में बदलाव कर दिया जाए और फिर से पुराना नाम ही बहाल कर दिया जाए.

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India Daily Live

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) कर दिया है. पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम और नागालैंड नाम बदलने के इस फैसले से खुश नहीं हैं. दोनों राज्यों के ज्यादातर लोग चाहते हैं कि अस्पताल का नाम मंदिर न किया जाए. लोगों ने सोसाइटी और चर्चा का जिक्र करते हुए कहा है कि अस्पताल को अस्पताल ही रहने दें, उसका नाम बदलकर मंदिर न करें. दबाव इतना बढ़ गया है कि वहां की सरकारों तक ने केंद्र को कई बार नाम बदलने को लेकर चिट्ठी लिख दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक मिजोरम और नागालैंड दोनों राज्यों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि केंद्र, इन स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र ही रहने दे. नए नाम को न लागू करे. केंद्र सरकार ने आपत्ति पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है. इन राज्यों में क्रिश्चियन और दूसरे समुदायों की बड़ी आबादी है, जिसे मंदिर पर ऐतराज है.
 

कब बदले गए थे नाम?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को नया नाम दिया है. देश में करीब 1.6 लाख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिन्हें देश के स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ कहा जाता है. इसकी टैगलाइन है आरोग्यम परमम धनम. इसका अर्थ है स्वास्थ्य की सबसे बड़ा धन है. 

किन राज्यों को है ऐतराज?

नवंबर 2023 में ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक एलएस चांगसन ने राज्यों को एक चिट्ठी लिखी थी. कहा गया कि अब इसका नाम आयुष्मान आरोग्य मंदिर होता है. केंद्र सरकार ने बिना हंगामे के अपनी वेहसाइट में बदलाव कर दिया था. मिजोरम और नागालैंड को इस पर ऐतराज है. 

ये है मांग की असली वजह

मिजोरम के चीफ सेक्रेटरी एस्तेर लाल रुआत्किमी ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को लिखा और कहा कि हेल्थ वेलफेयर सेंटर को आयष्मान आरोग्य मंदिर में बदलने पर हमें ऐतराज है. मिजोरम एक इसाई राज्य है. इसकी 90 फीसदी आबादी ईसाई है. ऐसे में नाम बदलने से लोग नाराज हो सकते हैं, हमें नाम बदलने की छूट दे दी जाए. फरवरी में फिर मिजोरम ने यही चिट्ठी लिखी. मार्च में नागालैंड ने भी यही तर्क दिया.