T20 World Cup 2026

कौन हैं राहुल नवीन जो बने ईडी के फुल टाइम डायरेक्टर?

आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन को ईडी का नया डायरेक्टर नियुक्त किया है. नवीन के ईडी के अंतरिम निदेशक रहते ईडी ने कई हाईप्रोफाइल नेताओं जैसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यंमत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया. 

social media
India Daily Live

About Rahul Navin:  केंद्र सरकार ने आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन को ईडी का नया डायरेक्टर नियुक्त किया है. नवीन अगले दो साल तक इस पद पर बने रहेंगे और वर्तमान ईडी प्रमुख संजय कुमार मिश्रा की जगह लेंगे जिनका कार्यकाल 14 अगस्त को खत्म हो रहा है. केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने प्रवर्तन निदेशालय में प्रवर्तन निदेशक के रूप में IRS राहुल नवीन को विशेष निदेशक के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है जो पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो साल की अवधि के लिए या अगले आदेश तक जो भी पहले प्रभावी होगा, बने रहेंगे.

कौन हैं राहुल नवीन 
भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 1993 बैच के अधिकारी, राहुल नवीन (57)  विशेष डायरेक्टर के तौर पर नवंबर 2019 में ईडी में शामिल हुए थे. पिछले साल सितंबर में उन्हें ईडी के कार्यवाहक निदेशक का चार्ज दिया गया.

राहुल नवीन ने आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक किया है और मेलबर्न में स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से एमबीए किया है. वह बिहार से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने 30 वर्षों तक आयकर विभाग में काम किया है.

अंतरिम निदेशक रहते हुईं हाईप्रोफाइल गिरफ्तारियां

नवीन के ईडी के अंतरिम निदेशक रहते ईडी ने कई हाईप्रोफाइल नेताओं जैसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यंमत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया. 

संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल पर उठ रहे थे सवाल

सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईडी के वर्तमान प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल को केंद्र द्वारा लगातार बढ़ाए जाने को अवैध ठहराए जाने के बाद राहुल नवीन को कार्यवाहक प्रमुख बनाया गया. संजय कुमार मिश्रा का लगातार कार्यकाल बढ़ाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या पूरा विभाग अक्षम लोगों से भरा हुआ है.

क्या करती है ईडी

बता दें कि ईडी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नागरिक प्रावधानों के अलावा दो आपराधिक कानूनों - धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) और भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत वित्तीय अपराधों की जांच करता है.