उर्दू की दुनिया को छोड़कर चले गए 'मां' के शायर मुनव्वर राणा, जिनकी शायरी ने छुआ था आम लोगों का दिल
Munawwar Rana dies: मुनव्वर राणा के निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. उनके प्रशंसक उन्हें याद कर रहे हैं.
Munawwar Rana dies: मशहूर शायर मुनव्वर राणा का रविवार को देर रात निधन हो गया. वे लखनऊ के एसजीपीजीआई अस्पताल में भर्ती थे. उनकी उम्र 71 वर्ष थी.
मुनव्वर राणा की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब थी. मुनव्वर राणा के निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. उनके प्रशंसक उन्हें याद कर रहे हैं.
आमजनों के दिल में उतरी कविताएं
मुनव्वर राणा का जन्म 26 नवंबर 1952 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुआ था. उन्होंने कई खूबसूरत कविताएँ लिखीं, जिनमें से कई मशहूर हुईं. उनकी कविताएं आम लोगों से जुड़ी हुई थीं.
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योगी-मोदी के लिए कही थी ये बात
उन्होंने साल 2022 में यूपी में विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ के फिर से सत्ता में आने पर प्रदेश छोड़ने की बात कही थी. उनका कहना था कि उनके पिता पाकिस्तान नहीं जा सके लेकिन वे अपना प्रदेश, अपनी मिट्टी छोड़ देंगे.
उनके कवि दिल का एक उदाहरण पीएम नरेंद्र मोदी की मां के निधन के समय मिलता है. तब उन्होंने कहा था कि किसी की मां के निधन की खबर सुनकर ऐसा लगता है जैसे मेरी मां चली गई है. जब से पीएम की मां की खबर सुनी है तब से मेरे पास शब्द नहीं हैं. अब तो मोदी जी को और संभलकर चलना होगा क्योंकि उनके पास मां की दुआएं नहीं होंगी जो उनको बचा ले जाती थी.