'आज के आनंद का वर्णन शब्दों में नहीं.. भारत का स्व लौटकर आया..', बोले RSS चीफ मोहन भागवत
प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज के आनंद का वर्णन शब्दों में नहीं हो सकता है. रामलला के साथ भारत का स्व लौटकर आया है. इस इतिहास का बहुत सामर्थ है.
नई दिल्ली: रामलला राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो गए हैं. पीएम मोदी ने आज शुभ मुहूर्त में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की. प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में पीएम मोदी, संघ प्रमुख भागवत और सीएम योगी यजमान बने. प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज के आनंद का वर्णन शब्दों में नहीं हो सकता है. रामलला के साथ भारत का स्व लौटकर आया है. इस इतिहास का बहुत सामर्थ है. जिनके प्रयासों से हम आज का यह स्वर्ण दिन देख रहे हैं उन्हें हम कोटि-कोटि नमन करते हैं. इस युग में राम लला के यहां वापस आने का इतिहास जो कोई भी श्रवण करेगा उसके सारे दुख-दर्द मिट जाएंगे, इतना इस इतिहास में सामर्थ्य है.
'पीएम मोदी तपस्वी.. वह अकेले तप कर रहे..'
मोहन में अपने संबोधन में आगे कहा कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में पधारने से पूर्व पीएम मोदी ने कठोर व्रत रखा. मेरा पुराना उनसे परिचय है. वह तपस्वी हैं ही. मगर वह अकेले तप कर रहे हैं, हम क्या करेंगे. अयोध्या में रामलला आए, अयोध्या से बाहर क्यों गए थे? रामायण में क्यों गए थे बाहर? उस वक्त कलह हुआ था. वह 14 वर्ष वनवास गए. वह दुनिया के कलह को मिटाकर वापस आए. आज रामलला फिर आए हैं 500 सालों के बाद वापस लौटे है.
'अयोध्या में कोई कलह नहीं'
भागवत ने कहा कि अयोध्या में कोई कलह नहीं है. रामराज्य आने वाला हैय छोटे-छोटे विवादों को पीछे छोड़ना पड़ेगा. समन्वय रखकर आचरण करना ही धर्म है. जहां दुख दिखे वहां दौड़ जाएं. दोनों हाथों से कमाएं. हमें अपने को संयम रखना होगा. पवित्रता होनी चाहिए और इसके लिए संयम चाहिए. लोभ नहीं करना है. संयम का पालन करना है. समाज में अनुशासन का पालन करना होगा. सामाजिक जीवन में स्वतंत्रता का पालन करना बहुत आवश्यक है.