'ED नहीं कर सकती गिरफ्तार....', सुप्रीम कोर्ट ने PMLA केस में एजेंसी को दिया बड़ा झटका

देशभर में ईडी के बढ़ते एक्शन को लेकर सड़क से संसद तक सवाल उठते रहे हैं. अरविंद केजरीवाल से लेकर के कविता तक की गिरफ्तारी पर जमकर हंगामा बरपा है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला बेहद अहम है.

PTI
India Daily Live

सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान गुरुवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी केस का संज्ञान स्पेशल कोर्ट ने लिया है तो ईडी गिरफ्तारी नहीं कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर ईडी को कस्टडी की जरूरत है तो जांच एजेंसी को संबंधित कोर्ट में पहले याचिका दायर करनी होगी, इसके बाद कोर्ट की मंजूरी से ही कस्टडी दी जा सकती है. कोर्ट भी तभी कस्टडी सौंपेगा, जब सच में कस्टडी की जरूरत हो. हिरासत में पूछताछ की इजाजत कोर्ट ऑर्डर के बाद ही मिलेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'पीएमएलए के सेक्शन 4 के आधार पर, अगर सेक्शन 44 के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है तो संज्ञान लेने के बाद ईडी और इसके अधिकारी धारा 19 की शक्तियों को इस्तेमाल करने में असमर्थ हैं, जिसके तहत जिस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है, उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है. अगर ईडी को आरोपी की कस्टडी चाहिए तो उसे विशेष कोर्ट से मंजूरी लेनी ही होगी.'

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी को सुनने के बाद स्पेशल कोर्ट को याचिका पर एक आदेश देना चाहिए, जिसमें गिरफ्तारी के कारणों का जिक्र भी हो. सुनवाई के दौरान कोर्ट तभी कस्टडी दे सकता है, जब यह तय हो जाए कि हिरासत में पूछताछ अनिवार्य हो, तब जबकि आरोपी की कभी सेक्शन 19 के तहत गिरफ्तार न किया गया हो.


क्यों सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया है फैसला?
कोर्ट में याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में कहा था कि क्या मनी लॉन्ड्रिंग के केस में आरोपी को दोहरे परीक्षणों से गुजरना जरूरी है, जबकि मामला स्पेशल कोर्ट के संज्ञान में हो तब भी? सुप्रीम कोर्ट ने 30 अप्रैल को दिए गए अपने एक फैसले को पलट दिया है. यह जांच की गई कि क्या कोई आरोपी, जिसे पीएमएलए जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया था, ट्रायल कोर्ट द्वारा ईडी की शिकायत मंजूर करने और व्यक्ति को समन जारी करने के बाद भी कोर्ट के सामने पेश होने पर जमानत की शर्तों से बंधा होगा या नहीं. 

केस की सुनवाई के दौरान जस्टिल ओका ने कहा कि ईडी किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है अगर शिकायत दर्ज कर दी गई हो. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने लैंड स्कैम के एक फैसले में कई लोगों की प्री अरेस्ट बेल नामंजूर कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में आरोपी को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी थी.