Manmohan Singh Death: पूर्व सांसद और शिवसेना नेता संजय निरुपम महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस पार्टी से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए थे. दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए एक पोस्ट में उनके नेतृत्व वाली सरकारों की आलोचना करने के बाद विवादों में घिर गए हैं.
गुरुवार को एक्स से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि डॉ. मनमोहन सिंह बेदाग थे, लेकिन विडंबना यह है कि जिस सरकार का उन्होंने दस साल तक नेतृत्व किया, उसमें कई दाग थे. वे दाग आज तक धुल नहीं पाए हैं. डॉक्टर साहब को विनम्र श्रद्धांजलि."
संजय निरुपम द्वारा यूपीए सरकार की आलोचना करना नेटिजन्स को पसंद नहीं आया. उनके इस पोस्ट से कई सोशल मीडिया यूजर्स नाराज हो गए और उन्हें याद दिलाया कि वे उस समय सत्ताधारी पार्टी का हिस्सा थे और विपक्षी दलों द्वारा यूपीए सरकार पर लगाए गए आरोप आज तक साबित नहीं हुए हैं.
इसमें कोई शक नहीं कि डॉ मनमोहन सिंह बेदाग़ थे, पर विरोधाभास यह है कि उन्होंने जिस सरकार का दस वर्षों तक नेतृत्व किया,उस पर कई दाग लगे।
— Sanjay Nirupam (@sanjaynirupam) December 26, 2024
वे दाग आज तक नहीं धुले।
डॉक्टर साहब को विनम्र श्रद्धांजलि।#RIPDrManmohanSingh
उनकी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने कहा, "बेशर्मी की भी हद होती है संजय साहब. किसी की मौत पर भी आप राजनीति करने लगते हैं. भाजपा पर खुद कई दाग हैं जो कांग्रेस सरकार आने पर उजागर होंगे. रही बात आपके करियर की तो वह तो खत्म हो चुका है, आप ऐसी चाटुकारिता करके ही जिंदा रह सकते हैं. इस देश की पढ़ी-लिखी पीढ़ी मनमोहन सिंह जी को हमेशा याद रखेगी."
यूजर ने की खतरनाक टिप्पणी
एक अन्य यूजर ने लिखा, "ये पंक्तियां आप पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं: 'कदली, सीप, भुजंग मुख, स्वाति एक गुण तीन' 'जैसी संगति बैठियो, तैसो ही फल दीन.' जब दुश्मनी के साथ नफरत भी हो तो ऐसी भावनाएं उभरना लाजिमी है. एक राष्ट्रीय संत और महान व्यक्तित्व के निधन पर राजनीतिक कटाक्ष न केवल अनुचित है बल्कि अपमानजनक भी है."
इस ट्वीट पर मेरे खिलाफ इतना व्यापक कैंपेन चलाने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
— Sanjay Nirupam (@sanjaynirupam) December 27, 2024
मैं पहले भी मानता था, आज भी मानता हूँ और भविष्य में भी विश्वास बना रहेगा कि डॉ मनमोहन सिंह एक सज्जन पुरुष थे,ईमानदार थे और निष्कलंक थे।
पर इसे दुर्भाग्य कहें या विरोधाभास, यूपीए 2 एक निहायत कलंकित सरकार थी।… https://t.co/WNSQO8yAAH
पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर अपने पोस्ट को लेकर भारी आलोचना का सामना करने के बाद निरुपम ने अपना बचाव करते हुए एक और ट्वीट किया और स्पष्ट किया कि उनका मानना है कि मनमोहन सिंह एक सज्जन, ईमानदार और बेदाग व्यक्ति थे.
यूपीए-2 पर सवाल
उन्होंने कहा, "इस ट्वीट को लेकर मेरे खिलाफ इतना व्यापक अभियान चलाने की कोई जरूरत नहीं थी. मैं हमेशा से मानता आया हूं, आज भी मानता हूं और भविष्य में भी मानता रहूंगा कि डॉ. मनमोहन सिंह एक सज्जन, ईमानदार और बेदाग व्यक्ति थे. हालांकि, इसे दुर्भाग्यपूर्ण या विरोधाभासी ही कहा जाना चाहिए कि यूपीए-2 एक पूरी तरह से दागदार सरकार थी. सरकार के बाहर मौजूद कांग्रेसी ताकतें जिन्होंने खुलेआम इसे कलंकित किया, वे ही इसके लिए जिम्मेदार हैं और इसके परिणाम आज भी कांग्रेस भुगत रही है.0"
टीवी बहस में बचाव की बात
उन्होंने कहा, "2010 से 2014 के बीच हमने कई बार टीवी बहसों में पार्टी और सरकार का बचाव किया, लेकिन हम सफल नहीं हो सके, क्योंकि 'पाप भयंकर था'. अगर कांग्रेस आज भी इतिहास को नकारती रही, तो उसका पतन और गहरा होना तय है."