बाहर से लॉक था गेट, अंदर तड़पते रहे मजदूर, कोलकाता में आग लगने से सात लोगों की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार तड़के करीब 3 बजे फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट का काम चल रहा था, तभी अचानक आग भड़क उठी.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक ऐसी खबर आई है जिसने गणतंत्र दिवस के उत्साह को मातम में बदल दिया. आनंदपुर (नाजीराबाद) इलाके में स्थित एक मशहूर मोमो चेन की फैक्ट्री और गोदाम में लगी भीषण आग ने 7 जिंदगियां निगल ली हैं. हादसा इतना भयावह है कि 15 घंटे बीत जाने के बाद भी दमकलकर्मी लपटों से जूझ रहे हैं और 20 लोग अब भी लापता हैं.
इस अग्निकांड में सबसे चौंकाने वाला और डरावना खुलासा सुरक्षा को लेकर हुआ है. लापता कर्मचारी पंकज हलदार के परिजनों ने बताया कि सुबह 3:30 बजे पंकज का फोन आया था. उसने रोते हुए कहा था कि फैक्ट्री का मेन गेट बाहर से बंद है, हम अंदर फंस गए हैं और दीवार तोड़कर निकलने की कोशिश कर रहे हैं. धुएं से घुटते उन मजदूरों की ये आखिरी पुकार सिस्टम और प्रबंधन की संवेदनहीनता पर बड़ा तमाचा है.
इलाकों को दहला दिया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार तड़के करीब 3 बजे फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट का काम चल रहा था, तभी अचानक आग भड़क उठी. फैक्ट्री के अंदर भारी मात्रा में मौजूद पाम ऑयल और रसोई गैस सिलेंडरों ने आग को और विकराल बना दिया. रोक-रोककर हुए धमाकों ने आसपास के इलाकों को दहला दिया. दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर हैं, लेकिन संकरी गलियों और मलबे के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आ रही हैं. मलबे के अंदर से शव निकालने के लिए रोबोटिक कैमरों की मदद ली जा रही है.
मल्लिक बाजार में भी मची अफरातफरी
एक तरफ आनंदपुर जल रहा था, तो दूसरी तरफ कोलकाता के व्यस्त मल्लिकबाजार की एक चार मंजिला इमारत में भी आग ने दस्तक दे दी. घनी आबादी होने के कारण यहां हड़कंप मच गया. हालांकि, दमकलकर्मियों ने समय रहते पास की छतों से पानी की बौछार कर आग पर काबू पा लिया और कोई हताहत नहीं हुआ.
पुलिस का बयान
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) इस पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है. पुलिस का कहना है कि अगर गेट बंद होने और लापरवाही के आरोप सही पाए जाते हैं, तो फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा. जो शव बरामद हुए हैं, वे इस कदर झुलस चुके हैं कि उनकी शिनाख्त के लिए अब DNA टेस्ट का सहारा लेना पड़ सकता है.