Sensex 900 अंक की बड़ी गिरावट, Nifty भी फिसला; जानिए किन वजहों से टूटा बाजार

भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच दिनों से जारी तेजी पर शुक्रवार को अचानक ब्रेक लग गया. आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स 900 से अधिक अंक टूट गया, जबकि निफ्टी भी गिरकर 23,900 के स्तर के पास पहुंच गया. वैश्विक आईटी दिग्गज एक्सेंचर द्वारा राजस्व अनुमान घटाने से बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया.

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Kuldeep Sharma

मुंबई: दलाल स्ट्रीट पर शुक्रवार का दिन निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक रहा. लगातार पांच दिनों से रिकॉर्ड ऊंचाई छू रहे भारतीय शेयर बाजार में मुनाफे की वसूली और वैश्विक दबाव के चलते भारी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स जहां दोपहर के कारोबार में 900 अंकों से ज्यादा नीचे आ गया, वहीं निफ्टी ने भी 250 से अधिक अंक गंवा दिए. फार्मा सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी.

आईटी शेयरों में मची तबाही

इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर में हुई अंधाधुंध बिकवाली रही. दिग्गज वैश्विक कंपनी एक्सेंचर द्वारा भविष्य में कमजोर मांग की चेतावनी देने के बाद निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 6 फीसदी तक लुढ़क गया. इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, विप्रो और एचसीएल टेक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की. वैश्विक स्तर पर तकनीक सेवाओं की घटती मांग ने भारतीय आईटी कंपनियों के मुनाफे और भविष्य की विकास दर पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

घरेलू बाजार पर दबाव बनाने में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार जारी बिकवाली ने भी बड़ी भूमिका निभाई. गुरुवार को ही विदेशी निवेशकों ने नकद बाजार में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच डाले, जिससे बाजार का भरोसा डगमगा गया. इस हफ्ते की शुरुआत में बिकवाली की रफ्तार थोड़ी थमी जरूर थी, लेकिन एक बार फिर विदेशी फंड्स का बाहर जाना घरेलू बाजार की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो रहा है.


वैश्विक संकट और बढ़ता डर

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव ने आग में घी डालने का काम किया. अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में गिरावट देखी गई, वहीं दक्षिणी लेबनान में नए सैन्य एक्शन और अमेरिका-इरान वार्ता में देरी से निवेशक सहम गए. इस अनिश्चितता के कारण बाजार का डर मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' लगभग 6 प्रतिशत तक उछल गया. जब भी विक्स में तेजी आती है, बाजार में अस्थिरता और गिरावट की आशंका बढ़ जाती है.

रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली

पिछले पांच सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी ने जिस तेजी से छलांग लगाई थी, उसके बाद बाजार में सुधार आना स्वाभाविक माना जा रहा था. कई बड़े और खुदरा निवेशकों ने इस ऊंचे स्तर पर अपनी पोजीशन हल्की करना बेहतर समझा और भारी मुनाफावसूली की. इस चौतरफा दबाव के चलते खरीदार बाजार से दूरी बनाते दिखे, जिसके परिणामस्वरूप दोनों प्रमुख सूचकांकों को अपनी पिछली पूरी बढ़त गंवानी पड़ी और बाजार भारी नुकसान के साथ बंद हुआ.